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सूरज की मौत से शोभा छपरा में छाया मातम

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बैरिया/जयप्रकाशनगर। असोम के जोरहाट एयर फोर्स सेंटर से तीन जून को लापता विमान एएन 32 में सवार बैरिया क्षेत्र के शोभा छपरा निवासी सूरज सिंह समेत कुल 13 सैन्य कर्मियों की मौत की पुष्टि की सूचना मिलने के बाद सूरज के गांव में गुरुवार को मातम छा गया। अपने लाल को खो देने के गम में जहां मां पूनम देवी फफक कर रोने लगीं। वे कई बार बेहोश हुईं। वहीं दादी मां हीरामोती देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता विनोद सिंह बेसुध से हो गए।
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सूरज की मौत की जानकारी के बाद गांव के लोग विनोद सिंह के दरवाजे पर उमड़ पड़े। गांव की महिलाएं परिवार की महिलाओं तो पुरुष पिता को ढांढस बंधाने में लगे थे। परिवार के सदस्यों की सिसकियां सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं। सूरज के पिता विनोद सिंह गुमसुम लोगों से अपने आंखों के आंसू छिपाते और परिजनों को समझाते रहे। गुमसुम बैठी सूरज की दादी हीरामोती देवी और उनकी मां पूनम देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। तीन जून को वायु सेना का विमान लापता होने के बाद परिवार के सदस्यों को यह उम्मीद थी की सूरज जरूर लौट कर आएंगे लेकिन गुरुवार को सूरज की मौत की सूचना आई तो सभी की आस टूट गई। मंगलवार को लापता विमान का मलबा मिलने की सूचना के बाद परिवार के लोग अधिक चिंतित हो गए थे।
सूरज कुमार सिंह पुत्र विनोद सिंह एयरफोर्स के एलएसी के पद पर तैनात थे जो लापता विमान में सवार थे। विमान की लापता होने की सूचना पर उनके छोटे भाई प्रिंस कुमार सिंह, उनके चचेरे ससुर मोहन सिंह और मौसेरे भाई राहुल सिंह जोरहाट पहुंचे थे। बृहस्पतिवार को एयरफोर्स के जोरहाट सेंटर के कमांडिंग आफिसर टीजी सिंह ने सूरज के परिजनों को बुलाकर बताया कि विमान में सवार सैनिकों में से कोई नहीं बचा है जिसमे सूरज सिंह भी शामिल है। इसकी सूचना प्रिंस सिंह ने पिता विनोद सिंह को दी और धैर्य रखने को कहा।
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विनोद सिंह बोले बेेटे पर गर्व है : बैरिया/जयप्रकाशनगर। जोरहाट में मौजूद सूरज के भाई प्रिंस ने गुरुवार को मोबाइल पर पिता विनोद सिंह से कहा कि पापा धैर्य से काम लेईं, अब सूरज भैया अपने देश के लिए शहीद हो गईले, जोरहट सेंटर के सीओ जानकारी दिहलन हा। इन शब्दों को सुनते ही पिता एक प्रतिमा की जड़वत हो गए। वह कुछ मिनटों तक चुपचाप खड़े रह गए। कुछ देर बाद कलेजे को मजबूत करते हुए कहा कि गर्व है कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। उल्लेखनीय है कि सूरज अपने भाई विक्रांत और प्रिंस को डिफेंस में जाने के लिए प्रेरित करता था। पिता ने कहा कि सूरज की इच्छा पूरी करने के लिए वे अपने दोनों बेटों को सेना में ही भेजेंगे।

अंखिया के तारा सूरज छोड़कर चली गइलन : पौत्र सूरज को खोने की खबर से दुखी दादी हीरामोती देवी फफक कर रोने लगीं। वह रोते हुए कह रही थीं कि हमार अंखिया के तारा सूरज इ बुढ़ापा में कहा छोड़कर चली गइलन। वहीं माता पूनम सिंह बार-बार बेसुध हो जा रही थी। दादी हीरामोती देवी ने अतीत याद करते हुए कहा कि हमार नाती गांवे जरूर पढ़त रहे लेकिन ओकर इच्छा अधिकारी बने के रहे। गांव के सरस्वती शिशु मंदिर से कक्षा आठ पास कईला के बाद सूरज के इच्छा के कइला क खातिर शहर में रहकर उनके शिक्षा दिलवनी। दादी हिरामोती देवी सूरज को बहुत ज्यादा दुलार-प्यार करती थी। दादी ने सूरज को बलिया में अपने साथ रखकर उन्हें उच्च शिक्षा दिलाई थी जबकि सूरज के माता पिता गांव रहते थे। उधर, गांव के लोगों का कहना था कि सूरज जब भी आते थे तो गांव के लड़कों को डिफेंस के लिए तैयारी कराते थे। सूरज गांव नगर का गर्व था।

जाते वक्त पिता को दिल्ली दिखाने का किया था वादा : सूरज के पिता विनोद सिंह ने बिलखते हुए बार-बार यही कह रहे थे कि कहा कि सूरज पिछले 25 मई को छुट्टी बिताकर जाते वक्त वादा किया था कि अगले माह आकर आपको फिर दिल्ली दिखाऊंगा। आप पूर्ण स्वस्थ हो जाएंगे। बता दें कि विनोद सिंह के लिवर में परेशानी है। सूरज वाराणसी से लेकर उनका दिल्ली तक विनोद सिंह का इलाज करवा चुका है।

एएन32 नंबर के विमान को हटाने की मांग : बैरिया। सूरज के भाई विक्रांत सिंह ने मांग की कि एयरफोर्स को एएन 32 नंबर का विमान को हटा देना चाहिए। कहा कि इसी नंबर के विमान में उनके चचेरे मामा दोकटी थाना क्षेत्र के टोला सेवक राय गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रणजीत सिंह के पुत्र भूपेंद्र सिंह भी 22 जुलाई 2016 को लापता हो गए थे। बाद में उनकी उनकी मौत की खबर आई थी।
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