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भागकर मंदिर में हुई शादी पर हुई पंचायत, तड़िपार का सुनाया फरमान

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बलिया। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खाप पंचायतों के उल्टे सीधे फैसले अब सुर्खियां बनते आ रहे थे। पर इस बार पूर्वांचल भी इसमें शामिल हो गया है। ताजा मामला बलिया के गढ़वार का है जहां इंदरपुर गड़वार थाना परिसर में मंगलवार को हुई पंचायत ने देश के सभी संवैधानिक मान्यताओं और मर्यादाओं का तार-तार कर दिया। गांव में हुई पंचायत में जो फैसला हुआ वह बाकायदा पुलिस के सामने लिखा पढ़ी के साथ हुआ। इसे लेकर क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं आम रहीं।
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दरअसल, इंदरपुर गड़वार थाना क्षेत्र के दो गांवों सिकरियां खूर्द निवासी एक युवक का बगल के गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इन दोनों ने मंदिर में शादी कर ली। लड़की के परिजनों ने थाने में तहरीर दी कि लड़का लड़की को भगा ले गया। पुलिस मामले की जांच व दोनों प्रेमी युगल की बरामदगी में जुटी थी। इसी संदर्भ में मंगलवार को थाने परिसर में एक पंचायत हो गई। पंचायत में फरमान सुनाया गया कि युवक व युवती बलिया जनपद कभी नहीं आएंगे जबकि दोनों ही बालिग हैं और खुद की मर्जी से शादी कर सकते हैं। इस पंचायत के नव दंपती को गृह जनपद ना आने देने के लिखित फरमान से सभी सकते में आ गए। इस संदर्भ में प्रभारी थानाध्यक्ष शिवजी कुंवर ने बताया कि घटना को लेकर क्षेत्र में काफी तनाव था। इस स्थिति को संभालने के लिए इस पंचायत में उन्हें शामिल होना पड़ा। वहीं बताया जाता है कि सुलह नामे को लेकर लड़के के पक्ष वाले राजी नहीं थे। वे चाहते थे कि यदि लड़का बहु को साथ लेकर आता है तो वह उसे अपने घर में रख लेंगे। पर लड़की वालों और क्षेत्रीय लोगों के दबाव के आगे उनकी एक न चली।
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