पूरे दिन मौसम का मिजाज तल्ख, शाम को आंधी
- फोटो : amar ujala
बलिया। सुबह से ही तापमान का पारा गरम रहा। दोपहर के समय तो स्थिति यह रही कि पारा 41 डिग्री के पार रहा इस दौरान नगर के बाजारों में आदमी के नामपर कोई देखने तक को नहीं मिला। आमसान से बरस रहे अंगारों के बीच घर से निकले लोग अपने शरीर को पूरी तरह से ढंकने के बाद ही गंतव्य तक पहुंचे। पूरे दिन गर्मी और उमस के बाद आसमान में छाए बादलों ने अंधड़ का रूप अचानक शाम के वक्त अख्तियार कर लिया। ऐसे में धूलभरी आंधी में हर कोई परेशान हो गया। शाम के वक्त अपने घर की ओर लौटने वाले बाइक सवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर पेड़ की टहनिया टूट कर गिर पड़ी। कहीं-कहीं बिजली के तार टूटने से उस इलाके की बिजली भी गुल हो गई।
पूरे दिन चिलचिलाती गर्मी और भगवान भाष्कर के प्रकोप से आमजनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। दोपहर के समय सड़क बाजार में कोई दिख नहीं रहा था। इसे अगर जरुरत से निकलना भी हुआ तो सिर से पांव तक सूती कपड़े में शरीर को लपेट कर ही बाइक या साइकल लेकर निकला। शाम पांच बजे तक गर्मी से हर कोई बेजार था। शाम छह बजे के वक्त मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में अचानक अंधेरा छाने लगा और एकबारगी आंधी तेज हो गई। धूल और गर्दभरी तेज हवाओं के चलते मौसम का मिजाज अचानक ठंडा होने लगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी और धूल के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई गांवों में पेड़ की टहनियां टूट गई। वहीं बागीचों में आम के पेड़ से आम गिरने लगे। गांव के बच्चे अचानक बागीचों की ओर भागने लगे। मौसम का तल्ख मिजाज शाम तक सुहाना हो गया।
हल्दी प्रतिनिधि के मुताबिक: क्षेत्र में आंधी के साथ मौसम का मिजाज कूल-कूल रहा। हवा भरी आंधी से कई लोगों के छप्पर भी उड़ गए। बैरिया क्षेत्र में भी आंधी तेज रही, लेकिन करीब आधे घंटे बाद स्थिति सामान्य हो गई। क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ की टहनियां टूट गई। बेल्थरारोड में तेज आंधी आने के चलते आमजनजीवन असमान्य रहा। हर कोई अपने सामानों को बचाने में जुटा रहा। चिलकहर क्षेत्र में भी अधिकांश गांवों में तेज आंधी के चलते हर कोई परेशान सा दिखा। बारिश की संभावना से लोगों ने अपने सामानों को बचाने की कवायद में जुटे रहे। पूर क्षेत्र में धूल भरी आंधी के चलते लोगों को काफी परेशानी हुई।