गड़वार। एक तरफ सरकार किसान हितैषी बनने का दावा कर रही है। वहीं दूसरी तरफ गड़वार माइनर से निकलने वाली नहर में पानी नहीं होने के कारण किसानों की धान की नर्सरी सूख रही है। मनियर, जैतपुुुरा, हरिपुर, सहसपुरा जिगनी, चादंपुर, सरयां, महाकरपुर, परसियाखुर्द, बिसुकिया, मिठवार, दुमदुमा, पकड़ी, एकवारी में सिंचाई के अभाव में धान का बेहन सूख रहा है या फिर किसान धान की नर्सरी डाल ही नहीं पाए हैं। इस हालात से परेशान किसानों ने विभाग के जेई से बात की तो कहा गया कि नहर के हेड में पानी कम होने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
क्षेत्र के किसान नंदजी सिंह ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही से किसान पानी के लिए तरस रहे हैं। क्योंकि अधिकारी बात करने पर कभी बिजली विभाग की कमी बताते हैं तो कभी बिजली विभाग सिंचाई विभाग को जिममेदार ठकराता है। जितेंद्र यादव ने बताया कि एक तरफ सरकार क्रय केंद्र पर उचित मूल्य पर उपज बेचने का दावा ठोक रही है, लेकिन नहर में पानी ही नहीं रहेगा तो किसानें की उपज कहां से होगी और किसान बेचेंगे क्या! किसान हरेराम यादव ने बताया कि नहर में पानी न होना कोई नई बात नहीं है। हर साल यही होता है।मंत्रियों की चौपालों में केवल डींग हांकी जाती है कि नहर में पानी जल्द आएगा, किसान रामप्रवेश पांडेय कहते हैं कि शीघ्र गड़वार माइनर में पानी नही छोड़ा गया तो इलाके के किसान जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। उधर, जेई विवेक कुमार का कहना है कि तुर्तीपार मुख्य नहर में ही पानी कम होने के कारण नीचे पानी नहीं आ पा रहा है। जिसके कारण गड़वार माइनर में पानी नहीं जा पा रहा है। इस सिलसिले में एक्सईएन से बात हुई है, जल्द ही समस्या का हल निकाला जाएगा।