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प्रख्यात रंगकर्मी व नाटककार गिरीश कर्नाड के जाने से साहित्य व कला जगत मर्माहत

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बलिया। प्रख्यात रंगकर्मी, अभिनेता और लेखक गिरीश कर्नाड का निधन की सूचना मिलने पर साहित्यकारों और रंगकर्मियों में शोक व्याप्त हो गया। आर्य समाज रोड स्थित संकल्प संस्था के कार्यालय पर सोमवार को हुई शोकसभा में साहित्यकारोें और रंगकर्मियों ने गिरीश कर्नाड को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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इस मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी और संकल्प के सचिव आशीष त्रिवेदी ने कहा कि गिरीश कर्नाड का जन्म 19 मई 1938 को महाराष्ट्र के माथेरन में हुआ था। उनके निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। कहा कि वे लेखक, अभिनेता, निर्देशक और कुशल नाटककार थे। वे 1998 में ज्ञानपीठ सहित अन्य कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित हुए थे। कर्नाड द्वारा रचित तुगलक, हयवदन, तलेदंड, नागमंडल व ययाति जैसे नाटक अत्यंत लोकप्रिय हुए जिनका कई भाषाओं में अनुवाद व मंचन हुआ है। प्रमुख निर्देशकों इब्राहीम अलका, प्रसन्ना, अरविन्द गौड़ और बीवी कारंत ने इनका प्रभावी निर्देशन किया। कर्नाड अभिव्यक्ति की आजादी के मुखर हिमायती और समाज में बहुलतावाद के पक्षधर थेे। इस मौके पर युवा रंगकर्मी आनंद कुमार चौहान, सोनी, ट्विंकल गुप्ता, गजल, स्नेहा, अर्जुन कुमार रावत, रोहित, राहुल, अखिलेश, विवेक, संतोष शर्मा, संजय मौर्य , दीनानाथ वर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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