बैरिया। प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद आयुक्त के नई गाइड लाइन के अनुसार किसी भी सस्ते गल्ले की दुकानों पर 300 से कम राशन कार्ड नहीं होने चाहिए लेकिन यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। तहसील के दो ब्लॉकों की 45 दुकानों पर मानक से कम राशन कार्ड हैं।
पहले किसी दुकान पर हजार की संख्या में राशन कार्ड संबद्ध होते थे तो किसी दुकान पर 100 से भी कम राशन कार्ड संबद्ध होते थे जिससे कोटेदारों की आय में असमानता बनी रहती थी। इसके चलते प्रदेश सरकार ने नई गाइड जारी की है लेकिन यह निर्देश पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। बैरिया ब्लॉक के कुल 70 दुकानों के सापेक्ष 19 दुकानों पर 300 से कम राशन कार्डधारक हैं तो मुरलीछपरा में कुल 63 दुकानों के सापेक्ष 26 दुकानों पर 300 से कम राशन कार्डधारक हैं। बैरिया ब्लॉक के शिवाल मठिया के लल्लन वर्मा की दुकान पर कुल 83 राशन कार्ड ही हैं। मुरली छपरा ब्लॉक के सोनबरसा गांव के पारस नाथ राम की दुकान पर कुल 95, कोड़रहा उपरवार गांव के फतेहबहादुर सिंह की दुकान पर 105, इसी गांव की श्रीमती ज्ञानती देवी की दुकान पर 68 राशन कार्ड ही हैं। बैरिया और मुरलीछपरा ब्लॉक के कुल 45 दुकानों पर 300 से कम राशन कार्ड हैं।
एसडीएम बैरिया दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि जिला पूर्ति कार्यालय में खाद रसद विभाग की ओर से कोटे की दुकानों से संबंधित नई गाइड लाइन आई है लेकिन इसे लागू करने के लिए अभी शहरी इलाके में सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीण इलाकों में किया जा सकता है।
गांव में ही राशन बंटवाने की मांग : बैरिया। क्षेत्र के शुभनथही गांव के कार्डधारकों ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कोटेदार पर खाद्यान्न तथा मिट्टी तेल देने में हीलाहवाली करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कोटेदार की दुकान शुभनथही गांव से चार किमी दूर सावन छपरा में है, जहां से मिट्टी तेल तो शुभनथही लाकर महीने में एक दिन कोटेदार वितरण करता है लेकिन खाद्यान्न के लिए उपभोक्ताओं को चार किमी पैदल चलकर उक्त दुकानदार के यहां जाना पड़ता है। वहां जाने पर अक्सर दुकानदार से मुलाकात नहीं होती है और लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। कार्डधारकों ने उपजिलाधिकारी से शुभनथही के कार्डधारकों का खाद्यान्न गांव में ही वितरित करने के लिए कोटेदार को निर्देश देने की मांग की।