फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोले पिता- उग्रवादियों ने छीन ली बुढ़ापे की लाठी

विज्ञापन
बोले पिता- उग्रवादियों ने छीन ली बुढ़ापे की लाठी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
दयाछपरा। हल्दी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बलिहार निवासी दीनानाथ ठाकुर 40 वीं बटालियन आसाम राइफल्स में तैनात थे। उनकी ड्यूटी नागालैण्ड में थी। शनिवार को वे अन्य जवानों के साथ ड्यूटी में निकले थे। इसी बीच पहले से घात लगाये उग्रवादियों ने हमला कर दिया। इस हमले में दो जवान शहीद हो गये। जिसमें बलिया के माटी के लाल दीनानाथ ठाकुर भी शहीद हो गये। जैसे ही यह खबर उनके गांव बलिहार में पहुंची घर परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वही शहीद के वृद्ध पिता रामधनी ठाकुर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वे रोते-रोते बस यही कह रहे थे कि उग्रवादियां ने उनके बुढापे की लाठी ही छीन ली।
विज्ञापन

शहीद के पिता का कहना है कि हमें हमारे पुत्र पर गर्व है जो देश के लिए शहीद हो गए। वही शहीद हुए दीनानाथ के दो पुत्र राकेश ठाकुर 32 वर्ष 42 नंबर बटालियन आसाम राइफल में ही नौकरी करते हैं तथा दूसरे पुत्र राजेश ठाकुर 28 वर्ष घर पर रहते हैं पत्नी स्वर्गीय शकुंतला देवी का भी 2012 में देहांत हो चुका है शहीद के छोटे पुत्र राजेश ठाकुर का कहना है कि पहले मां ने हम लोगों का साथ छोड़ दिया और अब हम लोगों के पापा ने भी हमारा साथ छोड़ दिया। हम लोग अनाथ हो गए इसके बावजूद भी हमारे पापा देश के सेवा में लगे रहे। अंतत: उन्होंने देश के प्रति अपना प्राण तक न्योछावर कर दिया। यह हम लोगों के लिए गर्व की बात है कि हमारे पिताजी देश के लिए शहीद हो गए। अगर हमें भी मौका मिला तो हम देश की सेवा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को लगभग चार बजे के बाद शहीद दीनानाथ ठाकुर का पार्थिव शरीर बलिहार पहुंचा। गांव सहित आसपास के सैकड़ों लोग शहीद के दरवाजे पर उमड़ पड़े। पार्थिव शहीद देखकर सबकी आंखें नम हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें