बैरिया। क्षेत्र के भुसौला, जगदीशपुर, नरदरा गांव के गंगा नदी के 58 कटान पीड़ितों को बसाने के लिए 10 जनवरी को ही राज्यपाल के नाम भूमि रजिस्ट्री हो चुकी है। लेकिन अब तक कटान पीड़ितों को पट्टा नहीं मिल सका है। इसके चलते कटान पीड़ितों का परिवार डांक बंगला व जगदीशपुर प्राइमरी पाठशाला में रहने को मजबूर हैं। इन कटान पीड़ितों को आवास के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत धन भी स्वीकृत है। लेकिन पट्टा न मिलने के कारण इन कटान पीड़ितों के पक्के मकान का सपना भी अधर में लटका हुआ है।भुसौला, जगदीशपुर, नरदरा गांव के कटान से बेघर हुए लोगो के लिए इंटक जिलाध्यक्ष विनोद सिंह व सपा नेता स्व. सुमेर सिंह की पहल पर शासन ने 56.50 लाख रुपये जमीन खरीद कर कटान पीड़ितों को बसाने के लिए आवंटित हुआ था। हालांकि महीनों तक कार्रवाई नहीं होने पर इंटक के जिलाध्यक्ष एक जनवरी को तहसील परिसर में भूख हड़ताल शुरु कर दी और इसके बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया। तहसील प्रशासन ने बहुआरा मौजे के रमेश मिश्र वगैरह की साढ़े छप्पन कट्ठा जमीन की रजिस्ट्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश के नाम करा दी। इसके बाद तहसील प्रशासन की ओर से इस भूमि पर पट्टा किया जाना था लेकिन आज तक नहीं हो सका है। इसके चलते वर्ष 2011 से ही डांक बंगला व प्राइमरी पाठशाला में रह रहे कटान पीड़ित आज यहीं जीवन गुजारने को विवश हैं।
तहसीलदार बैरिया रामनारायण वर्मा ने कहा कि लेखपाल व ग्राम प्रधान को प्रस्ताव बनाकर जमीन आवंटन करने के बाबत कई बार निर्देश दिया गया लेकिन अभी तक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हो सका है। लेकिन अब देर नहीं होगी जल्द ही कटान पीड़ितों को पट्टा देकर बसाया जाएगा।