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एक दर्जन कोचिंग संस्थानों पर अग्निशमन विभाग का छापा, हड़कंप

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कोचिंग संस्थानों पर अग्निशमन विभाग का छापा - फोटो : amar ujala
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बलिया। गुजरात के सूरत में स्थित कोचिंग संस्थान के चार मंजिल भवन में शुक्रवार को अगलगी की घटना में 20 लोगों की मौत के बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी तबारक हुसैन ने टीम के साथ शनिवार को द्वारिकापुरी स्थित दर्जन भर कोचिंग सेंटरों में छापेमारी की और अग्निशमन व्यवस्था की जांच की। इस दौरान अधिकतर कोचिंग सेंटरों में अग्नि शमन यंत्र नहीं पाए गए। कुछ कोचिंग बेसमेंट में चलते मिले जिनके विरुद्घ विभागीय कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। छापेमारी के दौरान कोचिंग संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। हालांकि दोपहर होने के कारण अधिकांश कोचिंग सेंटर बंद मिले।
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नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में मानक के विपरीत बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें अधिकतर कोचिंग सेंटर पंजीकृत नहीं है और न ही किसी ने अग्निशमन विभाग से एनओसी ली है। अगर कोचिंग सेंटरों में आग की घटना होती है तो अग्निशमन की गाड़ी पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं है। अधिकांश कोचिंग सेंटर बेसमेंट और गली में संचालित हो रहे हैं जो मानक के विपरीत हैं। सूरत की घटना के बाद शासन के निर्देश पर शनिवार को अग्निशमन विभाग ने कोचिंग सेेंटरों में छापेमारी की तो तमाम खामियां सामने आईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी तबारक हुसैन ने टीम के साथ नगर के द्वारिकापुरी कालोनी में संचालित कोचिंग संस्थानों पर छापेमारी की। दोपहर होने के कारण अधिकांश कोचिंग बंद मिले। इस दौरान जो खुले मिले, उनमें कई बेसमेंट में संचालित होते पाए गए। कोचिंग तक अग्निशमन की गाड़ी जाने के लिए कोई रास्ता नहीं मिला और न ही अग्निशमन यंत्र मिला। किसी भी कोचिंग संचालक के पास कोई कागजात नहीं मिला। समाचार लिखे जाने तक छापेमारी जारी थी।
इस बाबत मुख्य अग्निशमन अधिकारी तबारक हुसैन ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जिले में पंजीकृत 26 कोचिंग संस्थानों की सूची मिली है। इसमें से एक भी कोचिंग सेंटर द्वारिकापुरी कालोनी में नहीं पाया गया। इससे स्पष्ट होता है कि इस क्षेत्र में सभी कोचिंग बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। कोचिंग सेंटरों के रेंट एग्रीमेंट की जांच की जा रही है। इसमें दोषी पाए जाने पर मकान मालिक व कोचिंग संचालक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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रिहायशी इलाका बना कामर्शियल : बलिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी तबारक हुसैन ने बताया कि द्वारिकापुरी और संकट मोचन कालोनी रिहायशी इलाका है लेकिन इसे कामर्शियल के रूप में उपयोग किया जा रहा है जो नियम विरुद्घ है। बताया कि सबसे बड़ी बात है कि यहां आवागमन के लिए सही रास्ता तक नहीं है।
ये मानक होना जरूरी : कोचिंग संस्थान में अग्निशमन यंत्र होना चाहिए। वहां तक अग्निशमन गाड़ी पहुंचने के लिए रास्ता होना चाहिए। कोचिंग संस्थान में आपातकालीन खिड़की होना चाहिए, मानक के अनुसार दो सीढ़ियां होनी चाहिये। आग बुझाने के लिए पानी की पाइप लाइन होनी चाहिए। कोचिंग सेंटर में पार्किंग व्यवस्था और फिक्स फॉर फाइटिंग सिस्टम होना चाहिए।
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