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138 गांवों के किसान सीखेंगे भूमि व बीज शोधन के गुर

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बलिया। किसान बेहतर खेती कर सकें, इसके लिए कृषि विभाग की ओर से उन्हें प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू हो गया है। जिला कृषि रक्षा विभाग ने किसानों को भूमि और बीज शोधन का प्रशिक्षण देने का कार्य शनिवार से शुरू कर दिया। इसके लिए चयनित 138 गांवों में तैनात किए गए प्रशिक्षित तकनीकी कर्मी किसानों को बुआई से भूमि और बीज शोधन का प्रशिक्षण देेंगे। किसानों को यह प्रशिक्षण 15 जून तक दिया जाएगा।
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बुआई के बाद फसलों में बीज जनित व वायु जनित बीमारियों के कारण फसलों में कई तरह के रोग लग जाते हैं। इसके अलावा भूमि जनित कीट व रोग भी लगते हैं। इसके चलते जहां फसलें प्रभावित होती हैं और पैदावार कम हो जाता है वहीं किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो फसलों में रोग लगने के बाद इसके रोकथाम आदि को लेकर किसानों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। इसको देखते हुए इस बार रबी की बुआई के पहले जिले में कृषि रक्षा विभाग की ओर से बीज शोधन अभियान चलाया जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी की मानें तो इसका शनिवार को इसका शुभारंभ कर दिया गया और यह अभियान 15 जून तक चलेगा। इसके लिए जिले के कुल 138 गांवों का चयन किया गया है जहां विभाग के प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी किसानों को बीज शोधन के तरीके बताएंगे। इससे होने वाले लाभों के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गांव के लिए एक प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी को नामित किया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि शनिवार को हनुमानगंज ब्लॉक के शंकरपुर व भीखपुर गांव के अलावा गड़वार ब्लॉक के चवरी व भिखमपुर में किसानों को भूमि व बीज शोधन के बारे में प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों ने जानकारी दी। कर्मचारियों ने भूमि व बीज शोधन से होने वाले फायदों के बारे में भी बताया ।जिला कृषि अधिकारी प्रियानंदा ने बताया कि भूमि और बीज शोधन अभियान के तहत कुल 138 गांवों का चयन किया गया है और इसके लिए प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती की गई है। ये कर्मचारी किसानों को भूमि व बीज शोधन की जानकारी देंगे। भूमि व बीज शोधन से फसलों में रोग लगने की संभावना काफी कम हो जाती है।
धान की नर्सरी से पहले करें बीज शोधन : बलिया। जल्द ही धान की नर्सरी डालने का कार्य शुरू होने वाला है। ऐसे में नर्सरी डालने से पहले किसानों बीज शोधन अवश्य कर लेना चाहिए। यदि खेत में जीवाणु झुलसा व जीवाणुधारी रोग की समस्या हो तो 25 किलो बीज के लिए चार ग्राम स्ट्रेप्टोमाइसीन व 40 ग्राम प्लांटोमाइसीन के घोल में बीज को रात भर भीगो दें। इसके बाद दूसरे दिन छाया में सूखा कर नर्सरी डालें। सामान्य स्थिति में 25 किलो बीज को 75 ग्राम थीरम या 50 ग्राम कार्वेंडाजिम के आठ से 10 लीटर पानी के घोल में मिला दें। इसके बाद छाया में अंकुरित कर बीज की नर्सरी डालें।
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सोलह ब्लाकों के गांव किए गए चयनित : बलिया। जिला कृषि रक्षा विभाग की ओर से भूमि व बीज शोधन अभियान के तहत कुल 138 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों के किसानों को इस बाबत गुर सिखाए जाएंगे। इसमें नवानगर, बेलहरी, बेरुआरबारी, सोहांव, दुबहड़ और बैरिया ब्लॉक के सात-सात गांव चयन किए गए हैं। इसके अलावा पंदह, बांसडीह, मनियर व रेवती के आठ-आठ गांव, सीयर, नगरा व रसड़ा के 11-11 गांव, चिलकहर, गड़वार व हनुमानगंज के नौ-नौ गांव चयन किए गए हैं। इन गांवों में कृषि रक्षा विभाग के प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी किसानों को भूमि व बीज शोधन के तरीके आदि की जानकारी देंगे।
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