बैरिया। तहसील क्षेत्र में दशकों पहले के बने विभिन्न विभागों के जर्जर सरकारी आवासों में दर्जनों परिवारों की जिंदगी रामभरोसे है। वहीं, अपनी स्वस्थ्य जिंदगी के उद्देश्य से इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनबरसा व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटवां पहुंच रहे लोगों का भी जान आफत में होता है। क्योंकि अस्पताल का जर्जर भवन कब हादसे का सबब बन जाए कहा नहीं जा सकता है। विभागों के अधीक्षकों द्वारा जर्जर भवन से हादसा होने की अंदेशा की लिखित जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को दिया जा चुका है,लेकिन अब तक किसी भी विभाग ने ध्यान नही दिया है। संबंधित विभागध्यक्ष की ओर से सूचना के बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवां के जर्जर भवन से बरसात में पानी टपकता है। वहीं, चिकित्सकों का आवास खंडहर होने के वजह से चिकित्सक आवास में नहीं रहते है। इसके अलावा आधा दर्जन कर्मचारी अपनी जिंदगी दाव पर लगा कर जर्जर भवन में निवास करते हैं। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा भवन की भी स्थिति दयनीय है। आलम यह है कि डिलीवरी प्वाइंट पर जाने वाली जर्जर सीढ़ी हादसे को दावत दे रही है। सीढ़ी जगह-जगह धंसी हुई है और सीढ़ी में जगह- जगह दरारें साफ दिखाई दे रहा है। आंखों की जांच को बना कमरा इस कदर जर्जर है कि कभी भी गिर सकता है। वहीं, जर्जर चिकित्सक आवास में पांच चिकित्सक परिवार व कर्मचारी आवास में चीफ फर्मासिस्ट, फार्मासिस्ट समेत 15 कर्मचारियों का परिवार जर्जर आवास में रहते हैं। कर्मचारियों की मानें तो आवास के बरजे टूट कर गिरते रहते हैं। बलिहार निवासी विशेश्वरनाथ मिश्र ने बताया कि जगदीशनरायण चिकित्सालय जर्जर होकर खण्डहर बन गया है। यही नहीं बैरिया विकास खण्ड के प्रांगण में बना कर्मचारियों के आवास भी पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। डर के मारे कोई कर्मचारी आवास में नहीं रहते। बताया कि पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन खण्ड विकास अधिकारी की ओर से अवगत कराने के बावजूद इस बाबत कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह दलछपरा-श्रीनगर साधन सहकारी समिति, चाईछपरा साधन सहकारी समिति सहित कई समितियों का भवन जर्जर हो गया है लेकिन कोई सुधि लेने वाला नहीं है।
इस बाबत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवां के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. पुरेंद्र कुमार ने कहा कि जर्जर आवास व भवन की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा के अधीक्षक विजय यादव ने कहा कि जर्जर भवन की सूचना कई बार विभाग को दी गई है।