मतदान बाद प्रत्याशियों को मिली राहत
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बलिया। लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्वक बीत जाने के बाद उम्मीदवार और उनके समर्थक दूसरे दिन गुणा-गणित को लेकर चर्चा करते रहे। सोमवार की सुबह उठने के बाद देवी-देवताओं का पूजन अर्चन करने के उपरांत गांव के लोगों से मिले उनका भी आशीर्वाद लिया। गांव के लोगों के साथ बलिया संसदीय क्षेत्र के सम्मानित मतदाताओं को वोट करने के लिए आभार जताया।
सपा उम्मीदवार सनातन पांडेय की मानें तो वे 18 दिनों से चुनाव में अतिव्यस्त रहे। ऐसे में मतदाताओं के बीच दिन रात रहने के चलते वे अपने ही परिवार से कटे हुए थे। इसी दौरान उनकी बहू का असामयिक निधन होने के बावजूद एक-दो दिन घर कुछ समय रहने के बाद कार्यकर्ताओं के साथ ही रात में केंद्रीय कार्यालय पर रहता था। इस दौरान कभी भी अपने पोतों के बीच नहीं रहा। रात में चुनाव की प्रक्रिया के बाद अपने केंद्रीय कार्यालय पहुंचा। जहां से अपने परिवार के बीच पहुंचे। इस दौरान देर रात को सोने के बाद भी सुबह पांच बजे जग गया। मां जयंती देवी का आशीर्वाद लेने के उपरांत घर के देवी-देवताओं का पूजन अर्चन कर अपने साथ ही दोनों पोतियों को लेकर जिला मुख्यालय स्थित भृगु बाबा मंदिर, बाबा बालेश्वर मंदिर सहित सभी देवी देवताओं का पूजन अर्चन किया। इसके बाद केंद्रीय कार्यालय में पहुंचकर परिवार के लोगों से मिला। पोतियों से आराम से मिलने के बाद उनपर समय दिया। इसके उपरांत करीब एक बजे कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच बैठकर चुनाव के दौरान आई दिक्कतों पर भी चर्चा किया। कहा कि लोकसभा चुनाव 18 दिनों के कम समय में जिस तरीके से मतदाताओं ने सम्मान दिया, वहीं मेरी जीत है। हालांकि असली भाग्य का फैसला तो 23 मई को ही होगा।
उधर, मतदान के दूसरे दिन भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह मस्त पैतृक गांव दोकटी में आराम कर थकान मिटाई। सुबह स्नान, योगाभ्यास के बाद आवास पर आए समर्थकों से मिले। उन्होंने जनपद के साथ देश-प्रदेश की राजनीति पर चर्चा हुई। इस दौरान सबके साथ फलाहार लिए। ड्राईफ्रूट एवं फलों के नास्ता पर दिन गुजारना और केवल रात को एक समय भोजन करना उनकी दिन चर्चा में शामिल है। वे सोमवार जयप्रकाश नगर स्थित राष्ट्रीय स्मारक पहुंचे और स्मारक के सचिव अशोक सिंह समेत अन्य लोगों से विचार विमर्श किया। बैरिया विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात उनके कार्यक्रम में शामिल था। कहा कि मतदाता ही हमारे भाग्य विधाता है और जगतनियंता पर मुझे पूर्ण भरोसा है। यह भरोसा आज तक कभी खंडित नहीं हुआ है और न आगे होगा। हालांकि चितबड़ागांव स्थित उनके केेंद्रीय कार्यालय पर सन्नाटा रहा।