बलिया। तमाम कवायदों के बाद भी गंगा को निर्मल नहीं बनाया जा सका है। कटहल नाले का पानी गंगा में गिर रहा है जिससे गंगा का पानी प्रदूषित हो गया है। ऐसे में लोग गंगा में स्नान और आचमन से भी परहेज करने लगे हैं।
कटहल नाले में कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा है। आसपास के मांग की दुकानों के अवशेष भी नाले में फेंके जा रहे हैं। इससे वातावरण दुर्गंधमय हो गया है जिससे लोगों को दिक्कत होती है। नगर के कीनाराम घाट पर कटहल नाले तो नरही थाना क्षेत्र के कोटवां नारायणपुर घाट पर भी नाले का पानी गंगा में जा रहा। यहां पक्का नाले का निर्माण तक करा दिया गया है। गंगा को साफ-सुथरा करने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन गंगा निर्मल नहीं हुईं। हालांकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार और उससे संबंधित प्राधिकरणों से आदेशों के अनुपालन को उठाए गए कदमों का स्पष्ट ब्योरा देने का निर्देश दिया। एनजीटी के रिपोर्ट मांगे जाने के बाद जिले के अफसर सकते में हैं। अगर गंगा में नालों का पानी जाने से नहीं रोका गया तो स्थिति और गंभीर होगी। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि नगर के कटहल नाला को गंदा करने के लिए किसी को बख्शा नहीं जाएगा। कटहल नाले की सड़ांध से बीमारियों की संभावना भी बनी रहती है। अगर नाले में किसी ने कचरा फेंका तो जुर्माना लगाया जाएगा।