बलिया। जनपद के गांवों केे ओडीएफ घोषित करने के बाद बेसलाइन सर्वे के आधार पर 72 हजार शौचालय निर्माण की कवायद है। शासन की ओर से सर्वे के सापेक्ष 72 हजार शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि मुहैया करा दी गई है। इसमें से 28 हजार शौचालयों की फोटो अपलोड की जा चुकी है।
जिले में करीब तीन दशक से अलग-अलग अभियान के तहत शौचालय निर्माण का काम पंचायती राज विभाग की ओर से कराया जा रहा है। वर्ष 2015-16 में स्वच्छ भारत मिशन लागू है और इसके तहत सभी गांवों को ओडीएफ करने के लिए जिले के 1843 राजस्व गांवों में कुल तीन लाख 18 हजार 552 शौचालयों का आवंटन किया गया। लेकिन पंचायती राज विभाग शुरू से ही कागजी कोरम कर गांवों को ओडीएफ करने में जुटा रहा और इसके आधार पर ही जनपद के गांवों को तीन माह पहले ओडीएफ भी घोषित कर दिया गया। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की मानें तो बेसलाइन सर्वे के आधार पर ही गांवों को ओडीएफ करने का काम किया गया। बताया जाता है कि बेसलाइन सर्वे में विभाग ने कुल एक लाख 22 हजार शौचालय विहीन परिवारों को चिह्नित किया था। लेकिन इसमें से कई के नाम दो जगह होने के कारण यह संख्या 72 हजार हो गई। इसके बाद शासन की ओर से इन 72 हजार शौचालयों के निर्माण के लिए 86 लाख 40 हजार की धनराशि भी मुहैया कराई गई है। पंचायती राज विभाग की मानें तो शासन से मिली धनराशि को लाभार्थियों के खाते में भेज दी गई है और अब तक 28 हजार शौचालयों के फोटो भी अपलोड किए जा चुके हैं। शौचालयों के निर्माण को लेकर संबंधित सचिवों को निर्देश भी जारी किया गया है।