बलिया। मानसिक रोग अभिशाप नहीं है बल्कि इसका समुचित उपचार संभव है। उपचार के लिए जिला अस्पताल में वार्ड बनाया गया है जहां दो रोगियों की भर्ती करने की व्यवस्था है। ऐसे रोगियों का उपचार ओपीडी में शुरू भी हो गया है। यह जानकारी जिला अस्पताल में आयोजित विश्व मानसिक स्वास्थ्य शिविर के दौरान डॉ. विनोद कुमार ने दी।
डॉ. कुमार ने कहा कि अगर समय से मानसिक रोगों का भी उपचार कराया जाए तो रोगी बिल्कुल स्वस्थ हो सकता है। कहा शराब के साथ ही किडनी, लिवर जैसी बीमारी से भी लोग मानसिक संतुलन खो बैठते हैं। अगर उनका उपचार कराया जाय तो ठीक हो सकते हैं। आत्महत्या करना भी मानसिक रोग की श्रेणी में आता है। इस मौके पर न्यायाधीश पूनम कर्णवाल, एसीएमओ डा. हरपाल सिंह, डा. केडी प्रसाद, सीएमएस डा. एस प्रसाद, डा. तोषिका सिंह, डा. आरके महतो आदि रहे।