बलिया। प्रदेश सरकार ने धान की सरकारी खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए अधिकारियों पर सरकार की ओर से दबाव डाला जा रहा है कि अधिक से अधिक किसानों को पंजीकरण कराया जाए। हालांकि किसान अपना ऑनलाइन पंजीकरण कहीं से भी करा सकते हैं। धान की खरीद को लेकर शासन की ओर से किसानों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके लिए जिले के एडीएम को नोडल अफसर बनाया गया है और जिला विपणन अधिकारी को अधिक से अधिक किसानों के पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है। जिला विपणन अधिकारी नरेंद्र तिवारी की मानें तो किसानों को धान बेचने के पहले अपना पंजीकरण कराना होगा और इसके लिए क्रय केन्द्रों पर भी सुविधा रखी गई है। बताया कि धान क्रय के लिए जिले में कुल 47 क्रय केन्द्र खोले गए हैं और किसान अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा किसान खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पोर्टल पर किसी भी साइबर कैफे आदि से भी अपना पंजीकरण करा सकते हैं। कहा कि धान की खरीद एक नवंबर से शुुरू होगी, इसे देखते हुए किसानों का पंजीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है ताकि खरीद के समय उन्हें कोई परेशानी न हो। बताया कि जिले में अधिकांश किसान नजदीकी सीएससी या अन्य इंटरनेट की दूकानों से ही पंजीकरण करा ले रहे हैं। अब तक तीन हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है लेकिन इसमें कोई फर्जीवाड़ा सामने नहीं आया है। किसानों का पंजीकरण होने के बाद धान की खरीद आसान हो जाएगी। पंजीकरण के बाद किसानों का पूरा ब्योरा भी विभाग के पास उपलब्ध हो जाएगा।