बलिया। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। जिसमें जनसेवा केंद्रों व कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों को जिलाधिकारी ने चेताया कि कोई भी संचालक फर्जी तरीके से कोई आवेदन करते पाया गया तो उस पर एफआईआर कराते हुए जेल भेज दिया जाएगा। जनसेवा केंद्र ग्रामीणों की सुविधा के लिए होती है। लिहाजा उसका सदुपयोग करते हुए दूर-दराज के लोगों को राहत देने काम करें। नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित रेट पर ही कोई भी प्रमाण पत्र बनाया जाए। कहा कि अवैध रूप से ज्यादे पैसे लेने की शिकायत मिली तो सम्बंधित जनसेवा केंद्र या सीएससी संचालक पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। इस दौरान ईडीएम अभिजात सिंह ने जनसेवा संचालन के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देशों से अवगत कराया। इस दौरान जनसेवा केंद्रों व सीएससी संचालकों को जीएसटी पंजीयन की प्रक्रिया, रिटर्न दाखिला की विस्तृत जानकारी दी गई। जीएसटी सुविधा प्रदाता के रूप में अपनी सेवा दें। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर केके श्रीवास्तव, आनंद राय, जयंत सिुंह, ईडीएम अभिजात सिंह आदि मौजूद थे।