बलिया। पिछले लगभग 10 वर्षों से जांच के दायरे में चल रही चतुर्थ श्रेणी के 152 कर्मचारियों की नियुक्ति एक बार फिर सुर्खियों में है।
सीएमओ डॉ. जयंत कुमार ने सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सीएमओ कार्यालय में नियुक्ति पत्र के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया था। शनिवार को सीएमओ कार्यालय में नियुक्ति पत्र हाथ में लेकर करीब 150 चतुर्थ श्रेणी स्वास्थ्य कर्मचारी नारेबाजी करते रहे। बाद में पुलिस ने हालात संभाले। सिटी मजिस्ट्रेट और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत कुमार ने स्वास्थ्यकर्मियों से वार्ता कर मामला शांत कराया। सीएमओ ने बताया कि वार्ता के बाद करीब 148 चतुर्थ श्रेणी स्वास्थ्य कर्मियों ने अपना नियुक्ति पत्र कार्यालय में जमा कराया है। इसकी जांच कराई जा रही है।
सीएमओ ने वर्ष 2009 से 2017 के मध्य नियुक्त हुए चतुर्थ श्रेणी स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया था। डिप्टी सीएमओ प्रथम के अधीन इन 152 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति बताई गई है और मार्च 2022 में इन लोगों के रुके हुए वेतन का भुगतान करते हुए तत्कालीन सीएमओ डॉ. नीरज पांडेय ने नई एलपीसी जारी करते हुए इन सभी को विभिन्न अस्पतालों में नियुक्त कर दिया था। अब जब शासन से आदेश के क्रम में जांच शुरू हो गई है तो एक बार फिर फर्जीवाड़े का जिन्न बाहर निकल आया है।
सीएमओ डॉ. जयंत कुमार ने बताया कि वर्ष 2009 से 2017 के मध्य नियुक्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच के लिए इन कर्मचारियों का नियुक्ति पत्र तलब किया गया था, जिसे स्वास्थ्यकर्मियों ने जमा कराया है।