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10 फीसदी ही सही, मोदी ने दिखाई 56 ईंच सीना की ताकत

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बैरिया। मोदी सरकार द्वारा गरीब सवर्ण जातियों को 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए बिल लाये जाने से सवर्ण जाति के लोग खुश हैं। सवर्ण जाति के लोगों का कहना है कि यूं तो आरक्षण ही समाप्त हो जाना चाहिए था, लेकिन अब 10 फीसदी गरीब सवर्णो को आरक्षण मिलने से कुछ तो जरुर भला होगा।
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बैरिया के गिरीश कुमार पाण्डेय ने कहा कि आरक्षण एक ऐसा अभिशाप है जो तेज दौड़ने वाले घोड़े के पैर में जंजीर लगाने का काम करता है। सवर्ण जाति में भी दबे कुचले लोग हैं। मोदी सरकार ने उन दबे कुचले लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देकर उनके उत्थान के लिए काम किया है।
चकिया ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि अरुण सिंह ने कहा कि अब तक सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा सिर्फ अनुसूचित व पिछड़ी जाति के लिए सोचा गया। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब सवर्णो की दुर्दशा को समझा है और गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर उनके सपनों को साकार करने का काम किया है।
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उपाध्यापुर के पूर्व प्रधान धर्मेन्द्र तिवारी ने कहा कि प्रतिभावान छात्र डाक्टर, इंजीनियर नहीं बन पाते हैं जबकि आरक्षण के बल पर अन्य जाति के लोग कम नंबर पाकर भी डाक्टर, इंजीनियर व आईएएस बन जाते हैं। यह तो सवर्णों के साथ अन्याय ही है, अब गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत ही सही कुछ तो मोदी ने सवर्णो को न्याय देने के लिए किया है।
केहरपुर के प्रधान विजयकांत पांडेय ने कहा कि सवर्णो को पहली बार कुछ तो मिला है, अब तक तो सवर्ण अपने को ठगा ही महसूस करते आ रहे हैं। पहली बार मोदी सरकार ने सवर्णो के भी उत्थान के विषय में सोचा है।
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टेंगरही प्रधान शुभम सिंह ने कहा कि स्वर्णो को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर मोदी ने 56 इंच का सीना होने का प्रमाण दिया है। इससे गरीब सवर्णो का भला होगा।
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