बलिया। सातवें वेतनमान लगाने की मांग को लेकर दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान केंद्र सरकार की लचर नीतियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कहा कि केंद्र सरकार एक तरफ बेरोजगारों को नौकरी देने की बात कर रहा है। वहीं केेंद्रीय मंत्रालय के विभागों में काम करने वालों को उचित पारिश्रमिक भी नहीं दी जा रही है। दूरसंचार विभाग के परिसर में आयोजित घरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिला सचिव रामजी यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के कथनी और करनी में काफी अंतर है। दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों के साथ आज भी सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिसों को आज तक लागू नहीं किया गया। जबकि राज्य सरकारों ने अपने सूबे के कर्मचारियों को यह वेतन दे रही है। कहा कि संविदा और कैजुवल के रुप में रखे गए कर्मचारियों और श्रमिकों का नौ माह का मानदेय और पारिश्रमिक बकाया है। लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। कहा कि इस महकमे में ठेके पर काम कराकर मजदूरों के पारिश्रमिक पर डाका डाला जा रहा है। निजी कंपनियों के सहायक टावर कंपनी बनाने के बारे में विरोध जताया। कहा कि वेतन विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाना चाहिए। इस मौके पर प्रदीप वर्मा, परमात्मा राम, सुखन, केके पांडेय, सुरेंद्र सिंह, नित्यानंद ओझा, केएन वर्मा, शिवबहादुर आदि मौजूद रहे।