बैरिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में इलाज कराने वाले मरीज रामभरोसे है। यहां इलाज करने वाले चिकित्सक तो है, मगर महत्वपूर्ण दवाएं नहीं है। यहां तक कि डीएनएस का बोतल, एंटीबायोटिक दवाएं उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मरीजों का इलाज कैसे किया जाता है, इससे कोई भी अंदाजा लगा सकता है। एक तरफ प्रदेश सरकार स्वास्थ परीक्षण के लिए एक्स-रे, अल्ट्रा साउंड सहित तमाम परीक्षण कार्य नि:शुल्क कर दिया है। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पर बिगत कई महीनों से एक्स-रे प्लेट ही उपलब्ध नहीं है। जिससे छोटी सी एक्सीडेंट होने पर एक्स-रे के लिए यहां के चिकित्सक मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करते है। यही नहीं डायरिया आदि कई बीमारियों में मरीजों को ड्रिप चढ़ाने के लिए डीएनएस, आरएल की बोतल तक उपलब्ध नहीं है। यहा तक कि एंटीबायोटिक, मेट्रोजिल, सिप्रो, इमेकसि सहित कई दवाएं नहीं है। जिससे मरीजों को साधारण टिकिया देकर छोड़ दिया जाता है या बाहर की दवाएं लिखी जाती है। जबकि अल्ट्रा साउंड की सुविधा अस्पलाल पर नहीं है। ऐसे में मरीजों को 40 किमी दूर इलाज के लिए छपरा या बलिया जाने के लिए विवश होना पड़ता है। क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने कहा कि यहां सिर्फ लालबालू, अवैध शराब के मामलों में लोग दिनभर चर्चा करते है, लेकिन आम लोगो के जीवन रक्षक से जुड़े मामलों में किसी का ध्यान नही है। यहां के गरीब मरीज इलाज के अभाव में दर-दर भटक रहे है। इस बाबत अधीक्षक विजय कुमार यादव ने कहा कि दवाओं व एक्स-रे प्लेट की मांग की गई है।