क्षेत्र के ऐतिहासिक संत सुदिष्ट बाबा धनुषयज्ञ मेले की रौनक शनिवार को धूप निकलने के साथ ही बढ़ गई। मेला घूमने से पहले सुदिष्टबाबा का दर्शन करने वाले पुरनिये अपने जमाने के प्रसिद्ध पोखरे पर गुड़ही जलेबी ढूंढते हैं, लेकिन अब पोखरे पर बिकने वाली गुड़ही जलेबी का जमाना जा चुका है, बावजूद वे गुड़ही जलेबी का जमकर स्वाद चख रहे हैं। मेले में मीना बाजार में महिलाओं की एक दाम के सामान की दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ अधिक हो रही है तो फर्नीचर, बक्से की दुकानों पर खरीदार कम नहीं है। धनुषयज्ञ मेले में जैसे-जैसे लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे जलेबी व सब्जी की बिक्री भी बढ़ गई है।
शनिवार को दोपहर दो बजे तक पिछले दिनों के सापेक्ष मिठाई, जलेबी, चाट छोले, चाऊमीन की बिक्री अधिक हुई। दुकानदारों की मानें तो और दिनों के मुकाबले बिक्री में अधिक वृद्धि हुई है। मेले में बच्चों को लुभाने के लिए एक से एक खेल-खिलौने मौजूद हैं। वहीं फास्ट फूड की दुकानों पर महिलाओं का तांता पहले से अधिक देखने को मिल रहा है । शनिवार का दिन होने से स्कूल की छुट्टी की वजह से छोटे-छोटे बच्चों में मेला घूमने में काफी उत्साहित थे। छोटे बच्चों के लिए मिक्की माउस, छोटे चरखी, जादूगर आकर्षण केंद्र रहा। बता दें कि सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर की दूरी पर धनुषयज्ञ मेला है। ट्रेन से दूर दराज से मेले में आने वाले लोगों के लिए स्टेशन से मेले में जाने के लिए टेंपो है, इस वजह से टेंपो चालको की भी कमाई बढ़ जाती है। टेंपो चालको ने बताया कि शनिवार के दिन टेंपो चालकों को खाना खाने तक कि फुरसत नहीं मिली, आज की अपेक्षा कल रविवार को और अधिक भीड़ होना स्वभाविक है। लेकिन रानीगंज मुख्य मार्ग से मेला में जाने वाले रास्ते जाम हो गए। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सब मिलाकर मेले में दिनोदिन बढ़ती भीड़ के कारण जहां व्यवसायी खुश हैं, वहीं प्रशासन को लोगों की सुरक्षा के प्रति काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।