मांझी स्थित सरयू नदी पर बने नए पुल से होकर पहली बार गुजरती मालगाड़ी। जागरुक पाठक
बैरिया। यूपी-बिहार सीमा पर मांझी में सरयू नदी के ऊपर करीब 14 साल से निर्माणाधीन नए रेलपुल से मालगाड़ी गुजरी। पुल का निर्माण पूरा होने के बाद अब रेलवे की ओर से ट्रैक, विद्युतीकरण और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
छपरा-बलिया रेलखंड के दोहरीकरण परियोजना के तहत पुराने पुल के समानांतर इसका निर्माण किया गया है। निर्माण कार्य वर्ष 2013 के आसपास शुरू हुआ, करीब 242 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस नए पुल में 17 पिलर हैं।
नए पुल पर मालगाड़ी चलाए जाने के बाद रेलवे अधिकारियों ने टावर वैगन के माध्यम से विद्युतीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। विद्युत तार, पोल और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई।
मांझी में सरयू नदी पर बन रहा यह पुल यूपी और बिहार के बीच रेल संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पुल के चालू होने से दोनों राज्यों के बीच रेल आवागमन को सुविधा मिलने के साथ ही क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से पुल के निर्माण और इसके शुरू होने का इंतजार कर रहे लोगों की नजर अब इसके नियमित परिचालन पर टिकी है।
वाराणसी जनसम्पर्क अधिकारी महेश गुप्त ने बताया कि पुल का निर्माण एवं टेस्टिंग कार्य अभी चल रहा है। सीआरएस निरीक्षण के उपरांत ही पुल की कमीशनिंग होगी।