बलिया। निजी विद्यालयों द्वारा वसूल किए जा रहे मनमाने शुल्क को विनियमित करने के लिए शासन की ओर से शुल्क विनियमन अधिनियम लागू किया गया है। इसके तहत जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने जिला शुल्क नियामक समिति का गठन किया है।
डीएम ने अधिनियम को लागू करने के लिए सभी निजी विद्यालयों को निर्देश दिया है। बताया है कि स्कूल शैक्षिक वर्ग के दौरान प्राप्त किए जाने वाले शुल्क का पूर्ण विवरण डीआईओएस को प्रस्तुत करेंगे। विद्यालय यह तय करेगा कि कोई कैपिटेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा। डीएम ने निर्देश दिया है कि कोई भी विद्यालय मासिक, त्रैमासिक या छमाही शुल्क लेगा और वार्षिक शुल्क नहीं लेगा। जिलाधिकारी निजी स्कूलों को चेताया है कि अधिनियम का पहली बार उल्लंघन करने पर छात्र का शुल्क वापस करने के साथ ही एक लाख रुपये तक अर्थदंड, दूसरी बार उल्लंघन करने पर छात्र के शुल्क वापसी के साथ ही पांच लाख रुपये तक अर्थदंड और तीसरी बार उल्लंघन करने पर विद्यालय के मान्यता वापस लेने की संस्तुति की जा सकती है।