बलिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत फरवरी माह में चलाए जाने वाले फाइलेरिया अभियान की तैयारी शुरू कर दी गई है, यह अभियान 10 से 14 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान का माप अप राउंड 15 से 23 फरवरी तक चलेगा । इसके तहत फाइलेरिया यानी हाथीपांव के ग्रसित व्यक्तियों को खोजा जाएगा। वहीं जन समुदाय में फाईलेरिया और अधिक न फैले, इसके लिए डीईसी ( डाई एथायिल कार्बन) और एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेआर तिवारी ने बताया कि जनपद के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इस अभियान के तहत रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया जाएगा। इसके लिए फाइलेरिया दिवस पर गठित की जाने वाली टीमों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया कि यह गोली दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गभर्वती महिलाओं, गंभीर रोगों से ग्रसित लोगों नहीं खिलाई जाएगी। इसके अलावा दवा का प्रयोग खाली पेट भी नहीं करना है। कहा कि गठित टीम निर्धारित तिथि पर घर-घर जाकर लक्षित जनसंख्या को अपने सामने मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन योजना के तहत फाइलेरिया रोगियों की पहचान करेगी। जिन्हें स्वास्थ्य कार्यकर्ता दवा का सेवन कराएंगी। से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं एल्बेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। इसके अलावा 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं एल्बेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी।