चांद दीयर में एलपीजी बाटलिंग प्लांट के निर्माण की स्थापना को लेकर तहसील प्रशासन ने भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय को विरोधाभास रिपोर्ट सौंपी है। मामले को राज्यसभा सांसद नीरज शेखर पांच मार्च को राज्यसभा में उठाएंगे।
प्लांट की स्थापना के लिए इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने वर्ष 2015 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के सचिव को पत्र लिखा था, जिससे इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड के संभागीय प्रबंधक चेतन पटवारी ने 30 से 35 एकड़ भूमि आवंटन के लिए पत्र लिखा था, तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देशन पर चांददीयर में भूमि चिह्नित कर दिया गया, लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय के आलाधिकारियों ने उक्त भूमि को बाढ़ से ग्रसित स्थल घोषित कर दिया, जबकि बैरिया तहसील प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा है कि इंडियन आयल द्वारा गैस बाटलिंग प्लान्ट के लिए मौजा चांददीयर में उपलब्ध कराई गई भूमि घाघरा नदी के कटान व बाढ़ के पानी से वंचित है।
राज्य सभा सांसद नीरज शेखर ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को पत्र लिखने के अलावा सात फरवरी को राज्यसभा में प्रश्नोत्तर जवाब पूछा था, जिसके जवाब में पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय ने जवाब दिया है कि उक्त भूमि एलपीजी भरण संयंत्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त नहीं है, जवाब मिलने के बाद अब राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तहसील प्रशासन की रिपोर्ट को हवाला देते हुए पांच मार्च को राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे।