बलिया। हत्या के एक मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय बीके लाल की अदालत ने आरोपी कृष्णकुमार उर्फ दारा को आजीवन कारावास तथा दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर अभियुक्त को दो वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन के अनुसार, एक युवती के भाई ने गड़वार थाना में13 जुलाई 1998 को मुकदमा दर्ज कराया कि उनकी नाबालिग बहन शौच के लिए गई थी, वहीं से कृष्ण कुमार निवासी मनियर उसे बहला-फुसलाकर जबरदस्ती जीप में बैठाकर ले गया। जिन लोगों ने रोकने का प्रयास किया, उन्हें कृष्ण कुमार ने कट्टा दिखाकर डरा धमका दिया। पुलिस ने संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू किया। करीब 20 वर्ष बाद गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय बीके लाल की अदालत ने सभी साक्ष्यों के मद्देनजर आरोपी कृष्ण कुमार दारा को आईपीसी एक्ट 302 के आरोप में दोषी पाया और आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।