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अंबेडकर गांव चयनित होने बावजूद विकास से कोसो दूर सुलुई

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रसड़ा। विकास खंड के सुलुई ग्राम सभा अंबेडकर गांव चयनित होने के बाद भी आज तक गांव विकास से कोसों दूर है। ग्रामीण सरकारी सुविधा पाने से वंचित हैं। ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए वर्षों से आंदोलनरत हैं। ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन पर केवल अधिकारियों का आश्वासन ही नसीब हो सका है। एक हजार की अनसूचित जाति की आबादी वाला यह गांव 1996 में ही अंबेडकर गांव चयनित हुआ था। इसके बाद भी गांव की मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं।
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गांव के दलित बस्ती में सड़क स्कूल आवास शौचालय आंगनबाड़ी केन्द्र पंचायत भवन नहीं है। सड़क के लिए सुलुई दलित बस्ती के लोग विजय राम के नेतृत्व में कई बार सड़क से लेकर तहसील एवं ब्लाक मुख्यालय तक ग्रामीण आंदोलन कर चुके हैं । विजय राम द्वारा तहसील दिवस पर दिए गए शिकायती पत्र पर सहायक विकास अधिकारी शिवजी दूबे ने कार्यवाही के लिए प्रधान सचिव को निर्देश देने के साथ-साथ जिले के आलाधिकारियों को सूचित भी किया। लेकिन ग्रामीणों को केवल सिर्फ अधिकारियों का आश्वासन ही नसीब हो सका है। जबकि दलितों की दंभ भरने वाली सरकारें बसपा सपा समेत भाजपा की सत्ता के बावजूद भी सुलुई के दलित बस्ती के लोग विकास से मरहूम है। आज भी ग्रामीण इस उम्मीद पर कायम है कि कभी भी तो शासन प्रशासन की नजरें गांव पर इनायत होगी तथा गांव के दिन बहुरेंगे तथा ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान लौटेगी।
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