बलिया। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने ग्राम पंचायत सचिवों को गांव के बेहतर विकास के जरूरी टिप्स दिए और ईमानदारी से दायित्व निर्वहन की अपील की। साथ ही सचेत भी किया कि सरकारी धन का दुरूपयोग या किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सिर्फ सस्पेंड ही नहीं, बल्कि जेल भेजने के साथ काली करतूतों की फाइल प्रवर्तन निदेशालय को भी भेज दी जाएगी। भरोसा दिलाया कि अपने दायित्व के प्रति संवेदनशील व पारदर्शी रहें तो हर समय आपके साथ खड़ा रहूंगा।
गुरुवार को जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायत विभाग के सचिवों के साथ बैठक कर ये निर्देश दिये। कहा कि आपका काम बेहतर तभी होगा जब अपने अधिकार को भलीभांति जान लेंगे। गांवों को सुंदर बनाने का सबसे महत्वपूर्ण कड़ी सचिव हैं। सचिव ही योजना बनाते हैं, उसकी तैयारी करते हैं और धन खर्च कर उसे मूर्त रूप देते हैं। ऐसे में जरूरी है कि वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे। पंचायत की संपत्ति व उससे जुड़े अभिलेख का बेहतर रखरखाव भी सचिव की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। राजवित्त व 14वें वित्त के पैसे का सदुपयोग दिखना चाहिए।
कैशबुक व लेजर बुक करें मेंटेन
बलिया। जिलाधिकारी ने समस्त सचिवों को निर्देश दिया कि तत्काल कैशबुक व लेजर बुक खरीद कर उसे मेंटेन करेंगे। कैशबुक के पहले पन्ने पर ही बैंक, खाता व चेकबुक संबंधी विवरण दर्ज करेंगे। डीपीआरओ व डीडीओ इस कार्य को सुनिश्चित कराएंगे। ग्राम पंचायत का कोई भी खाता राष्ट्रीयकृत बैंक में ही हो। कोई भी निर्माण कार्य के पहले कार्ययोजना बनाएं, अप्रुवल कराएं फिर काम कराएं। उसे वर्क रजिस्टर में अंकित भी करें। चेक पर किसी प्रकार की कटिंग या ओवरराईटिंग नही होनी चाहिए। ऐसा मिला तो कार्रवाई भी हो सकती है।
पीएम आवास योजना के सम्बंध में दिये निर्देश
बलिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत धनराशि भेजने में तत्पर रहे। ध्यान रहे कि पहली किस्त जहां चली गई है, वहां देख लें कि नींव तक का काम हो गया है या नहीं। नींव तक काम हो जाने के बाद उसकी फोटो व निरीक्षण अपलोड कर दूसरी किस्त भी तत्काल भेजने की कार्यवाही कर दी जाए।