बलिया। जिले में उमस और बाढ़ से मच्छरजनित बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। पिछले 15 दिन में डेंगू के 13 मरीज मिले हैं, अब कुल संख्या 26 पहंुच गई है। मलेरिया के तीन मरीज मिल चुके हैं। जुलाई में संचारी अभियान चलने के बावजूद शहर से लेकर गांव तक गंदगी व जलभराव देखा जा सकता है।
नगरपालिका की लापरवाही की हालत यह है कि वार्डों की बात छोड़िए, जिलाधिकारी, सीडीओ, एसपी, सीएमओ व सीटी मजिस्ट्रेट के आवासों व कार्यालय के आसपास भी कीटनाशक का छिड़काव नहीं हो रहा है। इससे डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा पॉजिटिव मरीज शहरी क्षेत्र के हैं। सरकारी आंकड़े को दरकिनार करें तो किट से जांच कराने वाले मरीजों की संख्या मिलाकर मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाएगी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एलाइजा मशीन से होने वाली जांच को ही डेंगू पॉजिटिव मानता है।
जिला अस्पताल की पैथाेलाॅजी में प्रतिदिन 20 से 25 डेंगू की जांच आ रही है। बारिश के साथ ही मौसमी बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल से लगाय सीएचसी- पीएचसी पर मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। लोगों को खांसी, वायरल बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, सांस की परेशानी जैसी समस्या हो रही है। मच्छर जनित बीमारियों ने पांव पसार लिया है। नगरपालिका व मलेरिया विभाग की लापरवाही मरीजों को भारी पड़ रही है।