बैरिया। तहसील क्षेत्र के विभिन्न सस्ते गल्ले की दुकानों के 1219 मृतक और पेंशनभोगी भी राशन ले रहे थे। उनके नाम राशनकार्ड से काट दिए गए हैं। 1734 पात्रों के नए पात्र गृहस्थी राशनकार्ड बनाए गए हैं। इसके बाद भी राशनकार्ड से वंचित हजारों लोग राशनकार्ड बनवाने के लिए ब्लाॅक मुख्यालय व पूर्ति कार्यालय बैरिया से लेकर जिला पूर्ति कार्यालय तक का चक्कर लगा रहे हैं।
वर्ष 2011 में शासन से जितनी यूनिट निर्धारित की गई थी, 13 वर्ष बाद भी उतनी ही यूनिट के राशनकार्ड बनाए गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य निर्धारित है। उससे अधिक यूनिट नहीं बना सकते हैं। प्रदेश सरकार ने एक दशकीय जनगणना में 20 प्रतिशत जनसंख्या वृद्धि मानी है। फिर इतने वर्षों के अंतराल में यूनिट की वृद्धि क्यों नहीं की गई, इसका जवाब अधिकारी नहीं दे रहे हैं। बैरिया ब्लाॅक में 743 मृतकों और मुरली छपरा में 476 मृतकों के नाम राशनकार्ड से काट दिए गए हैं। बैरिया ब्लाॅक में 931 व मुरली छपरा ब्लाॅक में 803 लोगों के नए राशनकार्ड बनाए गए हैं।
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यूनिट बढ़ाने का मामला सरकार का है। इसमें हम कुछ नहीं कह सकते हैं। मृतक व पेंशनभोगियों के कुल 1219 नाम राशनकार्डों से काटे गए हैं। कुल 1734 पात्र लोगों के नए राशनकार्ड बनाए गए हैं।
संजीव कुमार सिंह, पूर्ति निरीक्षक, बैरिया