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राज्य का राजा अच्छा होगा तो प्रजा भी रहेगी सुखी

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बलिया। गुजरात सूरत के स्वामी नारायण मंदिर नारायण मंदिर के प्रमुख संत सतश्री महाराज जी ने रामलीला मैदान में बाल्मीकि रामायण कथा के दूसरे दिन कहा कि महर्षि बाल्मीकि ने ब्रह्मा जी एवं नारद जी की प्रेरणा से बाल्मीकि रामायण की रचना की। जिसका पहली बार वाचन लवकुश ने किया। जिसमें श्रीरामचंद्र के आदर्श प्रेरणादायी चरित्र का वर्णन है।
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कहा कि जिस राज्य का राजा अच्छा होता है उस राज्य की प्रजा भी सुखी होती है। राजा खराब होगा तो प्रजा दु:खी होगी। कहा कि समाज में जिस किसी को जो भी जिम्मेदारी मिली वह पूरी लग्न से करें। क्योंकि परमात्मा किसी को जब लायक समझता है तभी जिम्मेदारी का काम देता है। क्योंकि जो लोग समाज की भलाई के लिए कार्य करते है वे लोग अमर हो जाते है। उनकी कृति युगो-युगो तक गाई जाती है। कहा कि हमें सरकार क्या दे रही है सोचने के बजाय हम सरकार और देश के लिए क्या कर रहे है। इस दिशा में सबको सोचना होगा तभी राष्ट्र का विकास होगा। कहा कि प्रभु की भक्ति का पाठक पढ़ाने के साथ देशभक्ति का पाठ पढ़ाना भी साधुुुओं का धर्म है।
कथा में भगवान राम का जन्मोत्सव हुआ। जिसमें सभी उपस्थित श्रोताओं ने जमकर नृत्य किया और कथा का आनंद उठाया। इस मौके पर जवाहर लाल पाठक, शमीम अंसारी, घनश्याम पांडेय, अंजनी लाल चौबे, विजय प्रकाश पांडेय, राजू मिश्रा, रामनाथ सिंह, विनोद सिंह, संदीप पांडेय, विंध्याचल राय, जयराम सिंह, बागी राय, काशीनाथ पांडेय आदि मौजूद रहे।
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