बलिया। ब्लाक सोहांव में काम करने वाली 12 से ज्यादा आशा बहुओं को पिछले एक वर्ष से मानदेय नहीं मिल सका है। विभाग द्वारा उनसे लगातार काम लिया जा रहा है पर मानदेय के नाम पर उन्हें अठन्नी भी नहीं दी जा रही है। इसके चलते गरीब परिवार से संबंधित इन महिलाओं को परिवार तक चलाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। उच्चाधिकारियो से कई बार शिकायत करने के बावजूद इस ओर कोई समाधान नहीं हो सका।
इस संबंध में सोमवार को आशा बहुओं के एक दल ने डीएम आफिस में ज्ञापन देकर मानदेय दिलाने की मांग की। ज्ञापन में कहा कि ये आशा बहुएं सीएचसी नरही, ब्लाक सोहांव से जुड़ी हुई हैं। यहां 2015 से कार्यरत हैं। प्रदेश मुख्यालय के एनएचएम विभाग से उनके मोबाइल पर मैसेज आता है। टीकाकरण व प्रसव आदि भी वे कराती रहती हैं। 2017 के बाद से उनका मानदेय बिना बताए रोक दिया गया। इस संबंध में आशा बहुओं ने तुरंत मजिस्ट्रेट जांच कराने की भी मांग की। इस दौरान लीला देवी पटेल, रंजू देवी यादव, संगीता देवी यादव, कुसुम देवी चौरसिया व सुमन देवी गुप्ता आदि मौजूद रहीं। उधर, जिला आशा बहु संघ बलिया की जिलाध्यक्ष पूनम पांडेय ने कहा कि नरहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही जनपद के अन्य ब्लाकों में भी आशा बहुओं के लिए आया शत प्रतिशत मानदेय का भुगतान एक सप्ताह के अंदर यदि स्वास्थ्य विभाग नहीं करता तो 27 फरवरी से वह जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन अनशन करने को मजबूर होंगी।
उधर, सीएचसी पर तैनात वित्त अधिकारी (बीएएम) अजय सिंह ने बताया कि सोमवार को आशा बहुओं से बात हुई है। उनका मामला आगे अधिकारियों के ध्यानार्थ भेज दिया गया है। एक सप्ताह के अंदर सभी आशा बहुओं के खाते में पैसा भेज दिया जाएगा।