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बालू के नाम भ्रष्टाचार को नहीं बढ़ने देगी सरकार

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बलिया। सूबे में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कवायद तेज कर दिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब तक कई अफसरों पर कार्रवाई कर चुके। किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्रथम वरीयता में है। अब लाल बालू, मोरंग तथा सफेद बालू के लिए कोई भी सरकारी नुमाइंदा बेवजह किसी को परेशान नहीं करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सूबे की सरकार ने लाल बालू पर से ट्रांजिट चार्ज हटा दिया है। यह बातें सूबे के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी ने पत्रकारों से अपने आवास पर वार्ता के दौरान कही।
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कहा कि लाल बालू के नाम पर पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों की मनमानी की शिकायतें मिल रही थी। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बालू, मोरंग और सफेद बालू पर से ट्रांजिट चार्ज हटा लिया गया है । इसके लिए प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन के लिए पत्र भी भेज दिया है। अब तक कई बार किसानों को भी उन्हें अपना उत्पादन बेचने के लिए किसी बाजार में सामान ले जाते समय पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत मिलती थी। सूबे की सरकार ने किसानों को किसी भी प्रदेश के बाजार में अपना माल बेचने की छूट दी है। बशर्ते कि उसके पास अपना किसान बही खाता साथ में हो। कहा कि अगर पुलिस एमवी एक्ट के अलावा किसी भी तरीके से किसान को परेशान करती है तो सरकार का साक्ष्य उपलब्ध कराने के बाद कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त रहने वाले अब तक 456 पीसीएस तथा पीपीएस अफसरों को चिन्हित किया गया है। उनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई होगी। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दूबे, मीडिया प्रभारी राकेश चौबे भी मौजूद रहे।

बलिया। बिहार प्रांत से आने वाले लाल बालू पर अब न तो कोई टैक्स लगेगा और न ही पुलिस ही इसे रोकने का काम करेगी। यह दावा करते हुए राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी ने बताया कि अब वन विभाग भी बिहार की ओर से आने वाले लाल बालू पर अभिवहन व पंजीयन शुल्क की वसूली नहीं करेगा। शासन के निर्णय से जहां आम लोगों को काफी राहत मिलेगी वहीं बालू माफियाओं की आमदनी भी नहीं के बराबर रह जाएगी। हालांकि अभिवहन व पंजीयन शुल्क को लेकर अमर उजाला ने लगातार खुलासा किया और 10 अक्तूबर के अंक में ‘बिहार से आने वाले लाल बालू को कर रहे वैध’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस शुल्क पर सवाल उठाए। इसे शासन ने संज्ञान लिया और आमलोगों के राहत वाली निर्णय लिया।
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