बलिया। बतौर प्रशासक के कार्यकाल में कई गांवों में मनमाने तरीके से धन खर्च किया गया था। मंडलायुक्त के निर्देश पर कुल 25 गांवों की जांच शुरु की गई। जांच में 13 गांवों के बतौर सचिव रहे 12 ग्राम विकास अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। इसको लेकर जिला विकास अधिकारी की ओर से प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकांश मामले की अंतिम जांच हो चुकी है।
बताया जाता है कि वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत चुनाव के पूर्व ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रशासक की तैनाती की गई थी। शासन की ओर से इस दौरान एक दिसंबर 2021 से 31 मई 2021 के बीच गांवों में कराए गए विकास कार्यों के सापेक्ष पीएफएमएस से 25 गांवों में काफी अधिक व्यय होने की बात सामने आई। इस मामले की जांच अलग-अलग अधिकारियों से कराई गई जिसमें कुल 22 गांवों में अनियमितताएं मिली। इसमें नौ गांवों के सचिव ग्राम पंचायत अधिकारी रहे तो 13 गांवों के सचिव ग्राम विकास अधिकारी रहे। सभी मामलों की जांच सीडीओ के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों ने की थी और रिपोर्ट डीपीआरओ को दी थी। डीपीआरओ ने ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्रावली जिला विकास अधिकारी कार्यालय को भेज दी। इसके बाद डीडीओ की ओर से इस बाबत प्रकिया शुरु की गई। अब यह प्रक्रिया अंतिम दौर में है और जल्द ही 13 गांवों के बतौर सचिव रहे 12 ग्राम विकास अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
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यह ग्राम विकास अधिकारी हैं लपेटे में
ब्लॉक गांव
सोहांव भरौली
बैरिया चाईछपरा
बैरिया गोन्हिया छपरा
पंदह खड़सरा
पंदह पूर
रेवती गोपाल नगर
नवानगर कठौड़ा
रसड़ा रसड़ा बाहरी
मुरलीछपरा सोनबरसा
मुरलीछपरा चांद दियर
बेलहरी हल्दी
हनुमानगंज बंसतपुर
हनुमानगंज रामपुर महावल
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मंडलायुक्त के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों की जांच में अनियमितताएं मिली हैं। मामले की अंतिम जांच की प्रक्रिया पूरी होने को है। अधिकांश ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किया जा चुका है। जल्द ही कार्रवाई भी होगी।
- राजित राम मिश्रा, जिला विकास अधिकारी, बलिया।