बलिया। कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले सुप्रसिद्ध ददरी मेला को लेकर अब तक विशेष योजना नहीं बनाई जा सकी है। शनिवार को ददरी मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे सांसद व डीएम ने इसपर नाराजगी जताई। सांसद ने ईओ व चेयरमैन से कहा कि पहले आपस में बैठक कर एक ले-आउट तैयार कर लें, फिर दोबारा समीक्षा होगी। नंदी ग्राम, चेतक प्रतियोगिता स्थल, कार्तिक पूर्णिमा स्नान को जाने वाले रास्ते व स्नान घाटों का जायजा लिया। इस दौरान नगरपालिका, जल निगम, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को उनके कार्यों से संबंधित जिम्मेदारी सौंपी गई। अभी तक मेले की कोई खास योजना तक नहीं बना पाने पर सांसद व डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
ईओ व चेयरमैन से कहा कि पहले आपस में बैठक कर एक ले-आउट तैयार कर लें, फिर दोबारा समीक्षा होगी। सांसद ने कहा कि ददरी मेला यहां की ऐतिहासिक विरासत है। इसकी गरिमा के अनुरूप भव्यता प्रदान करना सबकी जिम्मेदारी है। साफ सफाई की बात आने पर चेयरमैन ने बताया कि आर्यन ग्रुप मेला की भी सफाई का कार्य देखेगी। इस पर सांसद भरत सिंह ने साफ कहा कि आर्यन ग्रुप का कोई हस्तक्षेप मेला में नहीं होना चाहिए। उसको कोई कार्य नहीं मिलना चाहिए। शहर में सफाई को लेकर इस कंपनी की कई सारी शिकायतें हैं। वार्ड के सभासद भी उसके कार्य से संतुष्ट नहीं है। जिलाधिकारी से कहा कि मेला में आर्यन ग्रुप को कोई कार्य नहीं दिया जाना चाहिए। वहीं डीएम ने कहा कि जो लोग मेले में आएंगे यहां की छवि को साथ लेकर जाएंगे। सांसद व डीएम ने यह भी कहा कि मेले की तैयारियों के संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की राय को भी साथ लेकर चलें। मेले के संबंध में जो भी सकारात्मक राय रखे, उस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। इस मौके पर एडीएम मनोज सिंघल, चेयरमैन अजय कुमार, ईओ दिनेश विश्वकर्मा आदि रहे।