बलिया। कृषि विभाग के अंतर्गत हल्दी कोठी में चल रहे एग्री जंक्शन शॉप के प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शनिवार को जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपनी दुकान के माध्यम से खुद को एक उद्यमी के रूप में विकसित करने के साथ किसानों के आर्थिक विकास में सहायक बनें। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना (एग्री जंक्शन योजना) के तहत यह प्रशिक्षण ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने एग्री जंक्शन शॉप के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसानों को एक छत के नीचे ढेर सारी सुविधाएं मुहैया कराना है। इसके माध्यम से बीज, उपकरण, कीटनाशक दवाइयों के साथ किसानों को खेती की तकनीकी जानकारी भी देनी है। सुझाव दिया कि कृषि के अलावा पशुपालन, मत्स्य व अन्य सभी विभागों से संबंधित योजनाओं की बकायदा जानकारी इन प्रशिक्षुओं को दी जाए। इससे संबंधित बुकलेट बनाकर इन दुकानदारों दिया जाए। इसके अलावा जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा की जा रही खेती का स्थलीय भ्रमण कराया जाए, ताकि उसके बारे में अन्य किसानों को ये प्रेरित कर सकें। बताया कि किसानों के विकास के लिए सरकार भी गंभीर है और 2022 तक किसान की आय को दुगना करने का संकल्प लिया है। इसलिए किसानों को यह भी बताएंगे कि कम खर्च में खेती कैसे करें, खेतों की जुताई-बुआई कब करें, मृदा परीक्षण के बाद संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें। किसानों को उचित राय देकर उनके आर्थिक विकास में सहयोगी बनें। साथ ही खुद को भी एक उद्यमी के रूप में विकसित करें। उप निदेशक इंद्राज ने बताया कि यह प्रशिक्षण 9 जुलाई से चल रहा है जो 21 जुलाई तक चलेगा। इसमें एलडीएम डीके सिन्हा बैंकिंग से संबंधित जानकारी तथा कृषि वैज्ञानिक वेदप्रकाश खेती की तकनीकी जानकारी दे रहे हैं। इन्हीं जानकारियों को किसानों तक पहुंचाना है। एलडीएम ने इस बात पर विशेष जोर देेकर प्रशिक्षुओं से कहा कि आपका खाता एनपीए नहीं होना चाहिए। सब्सिडी व अन्य लाभ के लिए खाता का सही ढंग से चलना सबसे जरूरी है। जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड एके झा भी मौजूद थे।
उधर, जिला विज्ञान क्लब की पहली बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कार्य व्यवहार के प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के कार्यकलापों में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों विशेषकर मध्यम स्तर के बालक-बालिकाओं, शिक्षकों, महिलाओं, युवाओं व किसानों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है।
इसमें जिला विज्ञान क्लब अहम भूमिका निभा सकते हैं। शुक्रवार की देर शाम डीएम कैंप पर कार्यालय पर हुई जिला विज्ञान क्लब की सत्र की पहली बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शासन द्वारा निर्धारित वर्ष 2018-19 की मासिक कैलेंडर के अनुसार विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों एवं प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाए। बैठक में जिला समन्वयक अतुल तिवारी ने बताया कि इस साल कुल 15 कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसमें 7 नवंबर को सीवी रमन के जन्मदिवस व 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विशेष कार्यक्रम होना है। इसके अलावा माध्यमिक स्तर के छात्र-छात्राओं को ख्याति प्राप्त औद्योगिक प्रतिष्ठानों और वैज्ञानिक शोध प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने इन कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार कराने पर विशेष जोर दिया। बैठक में बीएसए संतोष राय, सूचना अधिकारी एके पांडेय, एनआईसी के निजाम अंसारी, सुधीर सिंह, इफ्तेखार खां व उद्योग विभाग के प्रतिनिधि मौजूद थे।