मनियर। आदर्श नगर पंचायत में करीब 24 लाख रुपए की लागत से परशुराम बाबा के स्थान से शंभू सिंह के मकान तक (करीब 500 मीटर) बनाई जा रही रबर की सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय कस्बे के लोगों ने जेई व ठेकेदार की मिली भगत होने से बेहतर कार्य नहीं होने की बात कहकर काम बंद करा दिया। दो दिन बाद काम पुन: शुरू हुआ है। इसको लेकर नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। 14 वें वित्त आयोग से हो रहे रबर युक्त सड़क निर्माण का वर्क आर्डर करीब आठ माह पूर्व जारी हुआ था। यह कार्य नगर पंचायत ने विलंब से शुरू कराया है।
मार्च का महीना समाप्ति पर है, जिससे कार्य को जल्दी करने के लिए इसकी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने का आरोप लग रहा है। चर्चा है कि कहीं कहीं बिना लोहे की जाली डाले व मानक की अनदेखी कर ही रोड बना दिया गया। आक्रोशित लोगों ने काम बंद कराया था। निर्माणदायी कंपनी का दावा है कि मार्च में काम पूरा कर लिया जाएगा, जबकि धरातल पर चल रहे काम को देखकर उक्त दावा पूरा कर पाना संभव नजर नहीं आ रहा है। यदि प्रशासन ने सड़क की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया तो इसके भी हाल अन्य सड़क की तरह हो जाएंगे। मनियर नगर पंचायत में बनी आधा दर्जन से अधिक पूर्व में बनी सड़कें बनने के बाद से ही टूटने लगी हैं। सबसे खराब स्थिति मनियर चांदुपाकड़ चौराहा से शिवाला तक बनी डामर सड़क की है।