बैरिया(बलिया)। सुरेमनपुर के उत्तरी दियरावासियों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने वाला निर्माणाधीन रामबालक बाबा सेतु बरसात से पहले तैयार हो जाने की उम्मीद है। ऐसा नहीं कि दियरांचल के लोगों को मुख्यमार्ग से जोड़ने के लिए पहली बार पुल का निर्माण हो रहा है।
वर्ष 2001 में तत्कालीन विधायक भरत सिंह ने पूर्वांचल विकास निधि से जिला पंचायत कार्यदायी संस्था ने करीब 22 लाख की लागत से पुल का निर्माण कराया था। अभी इस पुल का लोकार्पण भी नहीं हो सका था कि वर्ष 2002 में घाघरा नदी में पुल बह गया। उस समय ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के घोषणा के बाद करीब 04 करोड़ की लागत से सेतु निगम ने वर्ष 2010 में पुल का निर्माण किया, लेकिन इस बार भी पुल का लोकार्पण नहीं हो सका। वर्ष 2010 में ही घाघरा नदी के प्रलयकारी बाढ़ में पुल का एप्रोच कट गया और पुल बैंड हो गया। जिससे सेतुनिगम, बाढ़ विभाग और लोकनिर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने पुल को रिजेक्ट कर दिया। हो-हल्ला के बाद पूर्व विधायक जयप्रकाश अंचल के प्रयास से पुल व एप्रोच का निर्माण कार्य करीब 15 करोड़ की लागत से शुरू हुआ। जिसमे राज्य सेतुनिगम के सेतु अंश कार्यदायी संस्था ने 671.58 लाख की लागत से 212.03 मीटर लंबा पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2015 में शुरू किया। जिसमें दो बीम, छत व कुछ स्लेब ढालना शेष रह गया है। सेतुनिगम निगम के जेई आरएन सिंह ने कहा कि पुल मानक के अनुसार बन रहा है। बताया कि मार्च के अंत के तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, जबकी एप्रोच निर्माण के लिए पीडब्लूडी के ठेकेदार द्वारा बालू युक्त मिट्टी गिराने का कार्य चल रहा है।