बलिया। राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी ने शनिवार को डीएसओ आफिस व जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएसओ आफिस में बिना किसी सूचना के डीएसओ सहित कई कर्मचारी व ड्राइवर गायब मिले। उपस्थिति रजिस्टर को देख चिकित्सक तथा कर्मचारियों के नहीं मौजूद होने पर सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा। निरीक्षण के दौरान सीडीओ, एडीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
शनिवार को सीडीओ व एडीएम के साथ मंत्री अचानक जिला पूर्ति कार्यालय पर जा धमके। इससे वहां कर्मियों में हड़कंप मच गया। मंत्री ने जाते ही उपस्थिति पंजिका की जांच की। पाया कि डीएसओ, क्षेत्रीय, खाद्य अधिकारी, वाहन चालक गायब हैं। डीएसओ को वाराणसी जाना बताया गया। मंत्री ने जब वाहन व ड्राईवर को बुलाया तो न तो वाहन चालक ही उपस्थित हुए और न ही वाहन। सरकारी वाहन से बनारस जाने की आशंका पर मंत्री ने कहा कि सरकारी वाहन सरकारी कामकाज के लिए है न कि वाराणसी जाने के लिए। उन्होंने प्रभारी जिलाधिकारी के रूप में मौजूद सीडीओ व एडीएम को निर्देश दिया कि दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए इसकी जांच करें। तत्काल खाद्य एवं रसद आयुक्त को फोन मिलाया और पूरे वाकये से अवगत कराया। इसके बाद राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थिति पंजिका से लगायत सभी वार्ड की व्यवस्था की जांच की। इस दौरान सात कर्मी अनुपस्थित मिले। वहीं वार्ड में मरीजों के बेड पर फटी पुरानी चादर पड़ी थी। अनुपस्थित कर्मियों पर भी ठोस कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने परिसर में कुछ मरीजों से व्यवस्था संबंधी जानकारी ली तो पता चला कि बाहर की दवा लिखी जा रही है। अल्ट्रासाउंट भी बाहर से कराने के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड से लेकर नये अस्पताल भवन का पूरा भ्रमण किया। कई बेड पर फटी चादर दिखी। इस पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए सीएएमएस को फटकार लगाई। उन्होंने गरीबों का आपरेशन जिला अस्पताल में ही करने को कहा।