बलिया। नगर में जाम की समस्या एक लाइलाज बीमारी बन गई है। आलम यह है कि हर एक घंटे में जाम लग जा रही है। जिसे हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन के लोगों ने कई बार योजना बनाई, लेकिन योजना मूर्त रुप नहीं ले सकी है। जहां एक ओर अतिक्रमण के चलते जाम लग रहा है। वहीं दूसरी ओर जाम से राहत दिलाने के लिए विगत दिनों पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों पर अंकुश लगाने के लिए सिर्फ चार सवारी बैठाने का निर्देश जारी किया था, लेकिन आदेश के बाद भी ई-रिक्शा चालकों की मनमानी जारी है।
नगर क्षेत्र के इन दिनों लग रही जाम के झाम पर लोग प्रतिदिन अपना एक दो घंटा बर्बाद कर दे रहा है। ऐसे में सुबह के समय आफिस जाने वालों को भी जाम से घंटों जूझना पड़ रहा है। यातायात पुलिस के द्वारा कई तरह के दिशा निर्देश भी जारी किए गए। लेकिन जाम के झाम से लोगों को मुक्ति नहीं मिल रही है। एक तरफ बड़े वाहनों को नो इंट्री के समय छोड़ दिए जाने से लोगों को जाम में लोग फंस जा रहे है। अगर दिन में एक बार किसी तरह से जाम छुड़ा भी दिया गया तो उसके कुछ ही देर बाद जाम लग जाना स्वाभाविक है। इसको लेकर यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने वाहनों के परिचालन के लिए गाइड लाइन जारी किए। लेकिन इसका असर होता कहीं भी नहीं दिख रहा है। नगर में चलने वाले ई-रिक्शा चालकों को भी यह निर्देश दिया गया था कि उनके रिक्शे पर चालक के अलावा कोई यात्री नहीं बैठाए। लेकिन प्रशासन नियमों का अनदेखा कर ई-रिक्शा चालक पीछे छह और अपने सीट पर भी एक सवारी लाद ले रहे है।