जयप्रकाशनगर। बलिया-छपरा रेल खंड स्थित सुरेमनपुर और मांझी के बीच स्थित बकुल्हा रेलवे स्टेशन की दशा बदलने और यहां एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग वर्षों से हो रही है। लेकिन आज तक इसकी स्टेशन की बदहाल स्थिति नहीं बदल सका। यहां एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग पिछले डेढ़ दशक से हो रहा है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब रेल मंत्री थे तब से लेकर आज तक इस मांग को लेकर क्षेत्र के लोग प्रयास करते रहे लेकिन न तो यहां एक्सप्रेस ट्रेनें रुकीं और न ही सुविधाएं ही बढ़ीं।
करीब एक साल पहले होली मिलन समारोह में शामिल होने आए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इस स्टेशन का नाम बदल कर जयप्रभा करने की बात कही लेकिन वह भी नही हुआ। चांददियर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव, प्रधान बच्चा जी यादव, प्रोफेसर सुभाष सिंह, रुद्र देव कुंवर, शिक्षक नागेन्द्र प्रताप सिंह आदि ने कहा कि यह स्टेशन जेपी की यादों से भी जुड़ा है। इसी स्थान से उतर कर जेपी अपने गांव सिताबदियारा जाते थे। उस महापुरूष के नाम पर इस स्टेशन का समुचित विकास होना चाहिए। इस क्षेत्र के जयप्रकाशनगर, सिताबदियारा, बड़का बैजू टोला, इब्राहिमाबाद नौबरार, कर्ण छपरा, लक्ष्मण छपरा, शोभा छपरा, टोला शिवन राय, टोला बाजराय, टोला फकरू राय, चांददियर, ठेकहा, बकुल्हा, नरहरी धाम, नवका टोला सहित तमाम गांवों के लागों का नजदीकी स्टेशन बकुल्हा होते हुए भी सभी को लंबी दूरी का ट्रेन पकड़ने के लिए छपरा या सुरेमनपुर जाना पड़ता है।