बलिया। जिला जज प्रमोद कुमार पंचम के निर्देश पर जूनियर हाईस्कूल रेवती पर विधिक साक्षरता एवं वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संबंध में शिविर का आयोजन किया गया। इसमें वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उनके द्वारा किये जाने वाले वसीयत व बैनामा के संबंध में पूरी जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पूनम कर्णवाल ने कहा कि 2007 में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों को लेकर एक्ट बना जिसमें उनके बच्चों द्वारा पालन पोषण नहीं करने पर अधिकार दिए गए हैं। अगर बच्चे पालन पोषण नहीं करते हैं तो आपको भरण पोषण पाने का अधिकार है। इसके लिए जिलाधिकारी के यहां वाद दायर करने का प्रावधान है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों द्वारा परिवार के सदस्यों को किए जाने वाले वसीयत व बैनामे करते समय सावधानी बरतने की जानकारी दी। कहा कि लालची प्रवृत्ति के कारण ज्यादातर बैनामा व वसीयत बनवा लिए जाते हैं। इसे बनाते समय इस बात का जिक्र करें कि अगर उनका भरण पोषण नहीं किया जाता है तो यह निरस्त माना जाएगा। कर्णवाल ने कहा कि पति शादी करके पत्नी लाता है उसकी पूरी जिम्मेदारी बनती है कि पत्नी का भरण पोषण करे। उन्होंने दीवानी न्यायालय में नौ मार्च को लगने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में केस लगवाने और सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण कराने की अपील की।