मनियर। स्वतंत्र प्रभार मंत्री उपेन्द्र तिवारी के पहल पर आखिरकार 48 घंटे बाद पहुंची एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम ने घाघरा नदी में मकरसंक्रांति के दिन स्नान करते वक्त डूबे अग्निवेश की शव को घंटों मशक्कत के बाद पानी से शव को बाहर निकाला। शव को बाहर निकालते ही देखने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। पुलिस ने शव को कब्जे में ले पंचायतनामा कर परिजनों को सौंप दिया।
गौरतलब हो कि मकर संक्रांति के दिन दिलीप उपाध्याय व चचेरे भाई अमर उपाध्याय के संग घाघरा में नहाने गए, कस्बा के उत्तर टोला निवासी अग्निवेश उपाध्याय उफ़ॱर सिंटु (18) पुत्र विनोद उपाध्याय गहरे पानी में चला गया। तभी से परिजन व प्रशासनिक अमला तलाश में जुटा रहा लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अग्निवेश कि तलाश में परिजन लगातार घाट पर डेरा डाले हुए थे। कामयाबी न मिलने पर स्वतंत्र प्रभार मंत्री उपेंद्र तिवारी के पहल पर एनडीआरएफ के 16 सदस्यीय टीम कमांडर अब्दुल्लाह खां व राज्य आपदा मोचन बल ( एसडीआरएफ ) के प्लाटून कमांडर आनंद शंकर त्रिपाठी की 13 सदस्यीय टीम मनियर पहुंच कर गुरुवार को घाघरा नदी में सुबह से ही अग्निवेश की खोज में लग गई। घंटों मशक्कत के बाद एनडीआरएफ के गोताखोर धनंजय मौर्या ने गोता लगाकर शव को खोज निकाला। शव को मनियर थानाध्यक्ष चंद्रभान यादव को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों से पंचनामा कराकर सौंप दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष मनियर चंद्रभान यादव ने बताया कि परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे। जिसे पंचनामा कराकर शव परिजन को सौंप दिया। एनडीआरएफ टीम में इंसपेक्टर जगदीश राणा, सर्वानंद तिवारी, गजेंद्र सिंह, ठाकुर चंद तथा एसडीआरएफ टीम में मेजर रामप्रकाश राय आदि रहे। युवक का अंतिम संस्कार परशुराम स्थान के पीछे श्मशान घाट पर की गई। पिता डॉक्टर विनोद उपाध्याय मुखाग्नि दी।
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बाबू उठा दही चिउड़ा खा ल
मनियर। अग्निवेश का शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। माता गीता देवी बदहोश हालत में अपने पुत्र को देखते देखते बेसुध हो जा रही थीं। वे एक ही रट लगा रखी थीं कि मेरा पुत्र खुशी पूर्वक खिचड़ी पर्व मनाने के लिए आया था, बाबू उठा दही चिउड़ा खा ल इस पुकार को सुनकर देखने वालों की आंखें अपनी आंसू को नहीं रोक पा रहे थे।