जयप्रकाशनगर। समाज की गरीबी शिक्षा से ही दूर की जा सकती है। इसके लिए कोई भी बाधा लक्ष्य से नहीं भटका सकती। कुछ ऐसा ही विचार बैरिया तहसील क्षेत्र के कस्बा निवासी शिक्षक राजेश्वर कृष्ण सिंह को 18 साल की उम्र में आया, जब वह स्नातक की पढ़ाई कर रहे थे। शिक्षा को हथियार बनाकर उन्होंने गरीब बच्चों को शिक्षा देने का जो काम शुरू किया तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके पढ़ाए बच्चे आज सरकारी सेवा में ऊंचे पदों पर विराजमान हैं।
राजेश्वर कृष्ण सिंह ने 1994 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उसी समय उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें ऐसे बच्चों के लिए कुछ करना चाहिए, जो निहायत ही गरीब हैं और शिक्षा से महरूम हैं। इसके बाद उन्होंने खुद की पढ़ाई जारी रखते हुए अपने और आसपास के गांव के गरीब परिवार के बच्चों को घर पर बुलाकर नि:शुल्क शिक्षा देनी शुरू की। इसकी जानकारी क्षेत्र में हुई तो गांव ही नहीं दूसरे गांव के बच्चे भी उनके घर आकर पढ़ने लगे। उन्होंने बच्चों को न सिर्फ शिक्षा का महत्व समझाया बल्कि उन्हें मुकाम हासिल करने में आर्थिक मदद भी पहुंचाई। उनके पढ़ाए बच्चे न सिर्फ कामयाब हुए बल्कि वर्तमान में ऊंचे पदों पर आसीन भी हैं।
इसमें क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गाव निवासी लवकेश मिश्रा नेवी में और बैरिया कस्बा निवासी सुभाष पासवान परिवहन विभाग में टीआई के पद पर हैं, जबकि नवका गांव निवासी श्रीप्रकाश सिंह वर्तमान मे उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं। राजेश्वर कृष्ण 2015 में मऊ जनपद के रतनपुरा विकास खण्ड के विशुनपुरा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर अपनी सेवा दे रहे हैं। लेकिन आज भी शिक्षा की अलख जगाने का जृुनून कम नहीं हुआ है। अवकाश के दिनों में गांव पर आकर गरीब परिवार के बच्चों को घर पर बुलाकर शिक्षा देते हैं।