बलिया। जिले में 1200 किमी लंबाई की कुल 1071 सड़कें खराब हैं। शासन के निर्देश पर इन सड़कों का चिह्नांकन कर शासन को लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव भेजा है। इसमें 200 सड़कों की विशेष मरम्मत व 871 सड़कों के पैचिंग कार्य का प्रस्ताव है। विभागीय अधिकारी की मानें तो जल्द ही शासन से धनराशि मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने सभी सड़कों को 15 नवंबर तक गड्ढा मुक्त बनाने का निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़कों को चिह्नित करने का काम पूरा कर लिया गया है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को नोडल विभाग बनाया गया है। हालांकि शासन ने जनपद में स्थित राजमार्ग, अन्य जिला मार्ग व प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त करने के लिए तीन करोड़ व ग्रामीण इलाकों की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए दो करोड़ की धनराशि जारी है।
अब विभाग की ओर से कुल 1071 सड़कों को चिह्नित किया गया है। इन सड़कों की कुल लंबाई 1200 किमी है। इसमें शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सड़कें शामिल हैं। बताया जाता है इन सड़कों पर वाहनों के संचालन में जहां परेशानी आती है वहीं पैदल चलने वाले भी जान जोखिम में डालकर चलते हैं।
अधिशासी अभियंता, लोनिवि, प्रांतीय खंड, अरुण कुमार ने बताया कि बतौर उदाहरण बेल्थरारोड क्षेत्र के सीयर- सोनाडीह मार्ग पर गड्ढों की भरमार है। जबकि यह मार्ग मऊ जनपद को जोड़ता है। इसके साथ ही मालीपुर- कसौंडर मार्ग, अखोप- कुंडेल मार्ग, गौवापार- सिकरहटा मार्ग, कुंडेल- बहोरवा मार्ग समेत कई सड़कें जर्जर हो गई हैं। इन मार्गों पर स्वतंत्र व सुगम यातायात मुश्किल हो गया है। इसी तरह विशुनपुरा - बिहरा हरपुर - चंदाडीह मार्ग पूर्ण रूप से जर्जर है। बैरिया क्षेत्र के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन से अमर शहीद कौशल कुमार के गांव नारायणगढ़ सहित दर्जनभर गांवों को जोड़ने वाला इकलौता मार्ग पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील है। विभागीय अधिकारी की मानें तो शासन की ओर से धन मिलने की उम्मीद है।