केन्द्र सरकार के महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में शौचालयों का सर्वे कार्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। इस योजना अंतर्गत 02 अक्टूबर 2018 तक ऐसा भारत बनाना है, जहां एक भी परिवार शौचालय विहीन न हो। इसके लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार आनलाइन कई बिंदुओं पर सर्वे रिपोर्ट मांगी है और शौचालय विहीन परिवारों में शौचालय बनाने का निर्देश दिया गया है। डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को सर्वे कराने के लिए आदेशित किया है, एडीओ पंचायत सर्वे कार्य के लिए ग्राम पंचायत सचिवों, रोजगार सेवक व सफाईकर्मी को ड्यूटी में लगाया है। सर्वे में आनलाइन रिपोर्ट देना है कि किस गांव में कुल कितने परिवार है, किस जाति के लोग रहते हैं, एक परिवार में कितने सदस्य है, परिवार में शौचालय है या नहीं, अगर है तो घर के मुखिया स्वयं बनाया है या अनुदान से बना है, कितने परिवार शौचालय विहीन है। रिपोर्ट ओडीएफ करने के बाद शौचालय विहीन परिवारों में शौचालय बनवा कर शौचालययुक्त गांव बनाना है। लेकिन अब बैरिया व मुरली छपरा विकास खंड अंतर्गत एक भी गांव की सर्वे रिपोर्ट पूरी नहीं की गई है। जिससे केन्द्र सरकार का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है, विभागीय सूत्र बताते हैं कि सर्वे रिपोर्ट से पूर्व में कागजों पर बनाए गए शौचालयों की पोल न खुल जाय, इसके लिए सचिव सर्वे कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। इस बाबत एडीओ पंचायत अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शौचालयों की सर्वे के लिए संबंधित सचिवों को बार-बार चेतावनी दी जा रही है, कहा अगर जल्द सर्वे कार्य नहीं किया गया तो कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारी को पत्र लिखा जाएगा।