बलिया। विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदान स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन कर दिया गया है, जिस पर आपत्ति एवं सुझाव 16 अक्टूबर तक दिया जा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र विक्त्रस्म ने कहा कि यदि कोई संशोधन/प्रस्ताव हो तो जिला निर्वाचन कार्यालय व संबंधित उप जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करा दें। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि वर्ष 2016 में हुए सम्भाजन के पश्चात् जनपद में बनाये गये आक्जिलरी पोलिंग स्टेशनों से पूर्ण स्टेशन बना दिया जाय अर्थात सभी को नया क्त्रस्मांक दे दिया जाय। ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के ऐसे मतदेय स्थलों, जहां 1400 से अधिक मतदाता है और कोई आक्जिलरी नहीं बना है उन्हें विभाजित कर एक नया पोलिंग स्टेशन बना दिया जाए। कहा कि यदि किसी गांव में 300 से अधिक मतदाता है तथा मतदान केन्द्र/मतदेय स्थल के लिए उपयुक्त सरकारी भवन उपलब्ध है, तो नया मतदान केन्द्र प्रस्तावित किया जा सकता है। शहरी क्षेत्रों में जहां नयी आवासीय कॉलोनियां गत कुछ वर्षों से बनी हैं और उसमें नागरिक निवास करने लगे है तो वहां पर यथा आवश्यकता नया पोलिंग स्टेशन बनाया जाए। अत्यधिक पुराने जर्जर भवन वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अंतर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानांतरित कर दिया जाय। ऐसे मतदेय स्थलों को चिन्हित किया जाय तो मुख्य गांव/बस्ती से पर्याप्त दूरी पर है उन मतदेय स्थलों को वहा से हटाकर मतदान क्षेत्र के अंतर्गत किसी सुविधाजनक भवन में स्थापित किया जाय। कहा कि पोलिंग स्टेशन की दूरी दो किमी से अधिक नहीं होना चाहिए।
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विकलांगों के लिए प्रत्येक मतदेय स्थल पर कैम्प की उपलब्धता हो
बलिया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विकलांगों और अशक्त व्यक्तियों की सुविधा के लिए प्रत्येक मतदेय स्थल पर कैम्प की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। कोई मतदेय स्थल निजी भवन में स्थापित है और वहां यदि शासकीय भवन उपलब्ध हो तो उक्त मतदेय स्थलों को शासकीय भवनों में स्थानान्तरित कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई मतदेय स्थल दुकान, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, व्यक्तिगत सामुदायिक केन्द्र, विवाह घर अथवा ऐसे भवन जिनका स्वामित्व किसी राजनीतिक व्यक्ति के पास है तो ऐसे मतदेय स्थलों के लिए विकल्प तलाश कर उनको स्थानांतरित कर दिया जाए।