बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार तृतीय की अदालत ने लाठी डंडे से मारपीट कर हत्या करने के मामले में अभियुक्त लालबहादुर, सर्वदेव, श्रीनाथ निवासी सिलहरा वेरोना थाना रसड़ा के खिलाफ दोष साबित पाया। उन्हें 10 वर्ष के कठोर कारावास व 19 हजार के अर्थदंड से प्रत्येक को दंडित किया। अर्थदंड न देने पर अभियुक्तों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वादी मुकदमा ने थाना रसड़ा में एफआईआर दर्ज कराई थी कि 23 अप्रैल 2001 को अपना थ्रेसर लगा रहा था। गांव के रहसु पुत्र फौजदार, लालबहादुर पुत्र हरिहर, सर्वदेव पुत्र कुमार, श्रीनाथ पुत्र भोभ लबेदन को लाठी डंडा से घेर कर बुरी तरह मारने लगे। शोर मचाने पर अशोक पुत्र बलिराम, चंद्रदीप पुत्र सूर्यबली, टेमा पुत्र राज नारायण, गुप्तेश्वर पुत्र खेदन आए और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। विवेचना के दौरान लबेदन की मृत्यु हो गई। धारा में हत्या और गंभीर चोट की बढ़ोतरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। सुनवाई के दौरान रहसू की मृत्यु हो गई। अभियोजन के तरफ से विनय कुमार सिंह सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता के बहस सुनने के बाद न्यायालय ने सजा सुनाई।