बलिया। नगरा थाना क्षेत्र के एक गांव में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश / फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो रामकृपाल की अदात ने अभियुक्त राजा निवासी ताड़ी बड़ागांव नगरा को दोषी पाया। 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
नगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में एक जुलाई 2022 को पीड़िता के पिता ने थाने में तहरीर दर्ज कराई। बताया कि उसकी पुत्री बीए की छात्रा है। अभियुक्त उसका एक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ गलत कार्य करता है।
पहले लोकलज्जा की वजह से पुत्री ने इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी। इस दौरान आरोपी उसका शोषण करता रहा। लेकिन मामला जब हद से गुजर गया तो उसने पूरी बात बताई। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। विवेचक ने 6 जुलाई 2022 को जांच की संपूर्ण प्रति चार्ज शीट के रूप में अदालत में भेज दी।
इसका संज्ञान न्यायालय ने 12 जुलाई को लिया। प्रशिक्षण के दौरान न्यायालय ने समस्त अभिलेखों के अवलोकन के उपरांत फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त दो माह की कैद भुगतनी पड़ेगी।